
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पलवल: गर्मी के इस मौसम में नदी, नहरों और तालाबों में नहाने के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए पलवल पुलिस पूरी तरह सजग है। आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला पुलिस कप्तान श्री नीतीश अग्रवाल (IPS) ने जिले के सभी अभिभावकों के लिए एक बेहद गंभीर व संवेदनशील जागरूकता एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा है कि बच्चों की मौज-मस्ती पर अभिभावकों की नजर चूकते ही बड़े हादसे हो जाते हैं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ परिवार की सतर्कता से ही रोका जा सकता है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले नदी, नहरों और संवेदनशील घाटों पर विशेष गश्त बढ़ाएं। यदि कोई भी बच्चा या युवा असुरक्षित स्थानों पर नहाता पाया गया, तो तुरंत काउंसलिंग कर उन्हें हटाए।
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (IPS) की अपील:
गर्मी के दिनों में बच्चों का पानी की तरफ आकर्षित होना स्वाभाविक है, लेकिन नदी, नहरों और गहरे नालों में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। अक्सर बच्चों को पानी की गहराई और उसके तेज बहाव का अंदाजा नहीं होता। एक पल की लापरवाही, पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे जाती है। अपने बच्चों को अकेले या दोस्तों के साथ ऐसी जगहों पर बिल्कुल न जाने दें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।”
पलवल पुलिस की ‘लाइफ-सेविंग’ गाइडलाइंस (अभिभावक जरूर ध्यान दें):
अकेले या टोली में जाने से रोकें: बच्चों को किसी भी तालाब, नहर या नदी के पास अकेले या बिना किसी वयस्क की निगरानी के न जाने दें। दिखावे और रील संस्कृति पर रोक: आजकल युवाओं में नदी-नहरों के किनारे खतरनाक स्टंट करने, सेल्फी लेने और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का क्रेज बढ़ा है। असंतुलन होने पर बड़ा हादसा संभावित है।
बहाव और गहराई का भ्रम: ऊपरी तौर पर शांत दिखने वाला पानी अंदर से बेहद गहरा और तेज बहाव वाला हो सकता है। नहरों में सिल्ट (मिट्टी/दलदल) होने के कारण पैर फिसलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
आपातकालीन स्थिति में क्या करें: यदि कोई डूबता हुआ दिखे, तो खुद बिना तैयारी के पानी में न कूदें। तुरंत स्थानीय ग्रामीणों, गोताखोरों, स्थानीय पुलिस या पुलिस को डायल 112 पर सूचित करें।
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