
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला:कनाडा में पीआर लगवाने और नौकरी लगवाने के नाम पर 6 लोगों से 2 करोड़ 22 लाख की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठगी के मामले में पहले से साबरमती जेल में बंद आरोपी पार्थ जानी को 31 मार्च को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर 10 दिन का पुलिस रिमांड लिया था। जिसमें से पुलिस ने आरोपी पार्थ जानी की निशानदेही पर अन्य दो आरोपियों अंशुमान नेगी पुत्र रणजीत सिंह वासी पौडी गढ़वाल, उत्तराखंड को यमुनानगर से व अन्य आरोपी रमेश माली पुत्र रैधान को दिनांक 04.04.2025 को गांधीनगर गुजरात से काबू किया था। आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर 7 में दिनांक 12.05.2023, धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120-बी भारतीय दंड संहिता एवं 24 इमीग्रेशन एक्ट, थाना सेक्टर-07 पंचकूला के अंतर्गत दर्ज किया गया था। आरोपियों ने कुछ 6 लोगो को ठगा था।

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ₹3,00,000/- (तीन लाख रुपये) की राशि बरामद की गई है। एंटी इमीग्रेशन फ्रॉड युनिट इंचार्ज सब इंस्पेक्टर तजिंदर पाल सिंह बतौर जांच अधिकारी मामले में कार्रवाई कर रहे थे। उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी कशीनो (जुआ) आदि खेलने के शौकीन थे। ठगी गई रकम को दोगुना करने के चक्कर में गोवा मे एक कसीनो में हार गए। उसकी भी पुलिस द्वारा तफ्तीश की जा रही है।

जिसकी वजह से पुलिस सिर्फ 3 लाख ही रिकवर कर पाई। पुलिस ने अंशुमान से 2 लाख व रमेश से 1 लाख रिकवर किए है।पुलिस ने 8 अप्रैल को आरोपी पार्थ जानी को वापस साबरमती जेल भेज दिया था। वह आज दोनों आरोपियों को इलाका मजिस्ट्रेट पंचकूला की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

