Athrav – Online News Portal
फरीदाबाद

फरीदाबाद: बिल्डरों के द्वारा ग्रीन फील्ड कॉलोनी में बनाए जा रहे एक दर्जन से अधिक बिल्डिंगों के मंगवाए प्लानिंग से नक़्शे, होगी जांच


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: डीटीपी एनफोर्समेंट विभाग की टीम जल्द ही ग्रीन फील्ड कॉलोनी में एक दर्जन से अधिक बनाई गई चौथी, और तीन मंजिल की बिल्डिंगों पर सख्त कार्रवाई करने जा रही है, बनाई गई चौथी मंजिल वाली नई बिल्डिंगों में की गई एक्स्ट्रा कवरेज, जैसे पिछले हिस्सों में लेट्रिन -बाथरूम, जरूरत से कहीं ज्यादा छज्जा बाहर की तरफ निकालने व अवैध रूप से बनाई गई चौथी मंजिल और पुरानी बिल्डिंग पर भी चोरी छिपे चौथी मंजिल बनाना शामिल है।

यह खबर “अथर्व न्यूज़” ने दिनांक 19 अगस्त 2025 को प्रकाशित की थी जिसपर डीटीपी एन्फोर्स्मेंट विभाग ने कार्रवाई करने का यह सख्त निर्णय लिया है। इस मामले में डीटीपी एन्फोर्स्मेंट यजन चौधरी ने डीटीपी प्लानिंग से नक्शा मंगवाई है, वह नक़्शे को लेकर उन सभी बिल्डिंगों पर उनकी टीम जाएगी, और जांच की कार्रवाई करेगी, और गलत पाए जाने पर मजबूती के साथ कार्रवाई करेगी। पिछली ख़बरों में जो नई बिल्डिंगों के प्लॉट नंबर प्रकाशित की गई थी, वे प्लॉट नंबर -2669, 2052, 2728, 2334, 2448, 2048, 1360, 1371, 761, 762, 2116, 2452 , 2901 , 2728 , 2729 में गड़बड़ हैं, एंव पुरानी बिल्डिंग 131 व 140 पर अवैध रूप से चौथी मंजिल है।

बताया गया है कि कई ऐसे बिल्डर हैं जो नक़्शे तो तीन मंजिल बिल्डिंग की बनवाई है स्टील्स पार्किंग के साथ, इसमें 3 मंजिल बनाने के बाद, चोरी छिपे उसी बिल्डिंग पर चौथी मंजिल बना लिए है, और कई लोग अभी भी चौथी मंजिल अवैध रूप से बना रहे है जहां संशोधित कानूनी नियमों के मुताबिक बिल्कुल नहीं बना सकते है। यह मामला यही नहीं थमता है, लगभग बिल्डिंगों में चाहे वह तीन मंजिलों की बिल्डिंग हो या चार मंजिलों की बिल्डिंग हो, लगभग सभी बिल्डिंगों में एक्स्ट्रा कवरेज, जैसे की लेट्रिन -बाथरूम, चोरी छिपे चौथी मंजिल बनाने, छज्जा ज्यादा निकालना शामिल है। कई तो बहुत ज्यादा पुरानी बिल्डिंग है जो तीन मंजिल बनी हुई थी उस पर अब चौथी मंजिल चोरी छिपे बना ली गई। बिल्डर लोग, अपने -अपने बिल्डिंगों में अवैध निर्माण करके फ्लैट खरीदारों को चुपके से बेच देते है, बाद में जब इन्हीं बिल्डिंगों की शिकायत होती है, जो लोग फ्लैट में रह रहे होते है, उन्हें भारी भरकम जुर्माना, एफएआर के नाम पर लाखों रुपए देना पड़ता है। यह फ्लैट्स खरीदारों के साथ बहुत बड़ा धोखा हैं। इस मामले में डीटीपी एन्फोर्स्मेंट यजन चौधरी का कहना है कि उपरोक्त सभी नंबरों के नक़्शे डीटीपी प्लानिंग विभाग से मंगवाई है। इसके आने के बाद उनकी टीम मौके पर जाएगी, जांच करेगी, गलत पाए जाने के बाद, उन सभी बिल्डिंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निश्चित तौर पर की करेगी।

Related posts

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने तिगांव विधानसभा क्षेत्र के पन्ना प्रमुख सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को में भरा जोश

Ajit Sinha

फरीदाबाद: जे.सी. बोस विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान के छात्रों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन

Ajit Sinha

फरीदाबाद: ओल्ड फरीदाबाद नगर निगम के तोड़फोड़ दस्ते ने एक अवैध रूप से बनाए गए एक हॉल को अर्थमूभर मशीन से तोडा

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x