Athrav – Online News Portal
फरीदाबाद स्वास्थ्य

फरीदाबाद: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में एक फैक्ट्री कर्मचारी के लीवर से 9 से. मी. की धातु की गोलाकार वस्तु सफलतापूर्वक निकाली गई


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, फरीदाबाद में डॉक्टरों की एक टीम ने 51 साल के एक फैक्ट्री कर्मचारी के लीवर से 9 से.मी. की धातु की गोलाकार वस्तु सफलतापूर्वक निकाली। करीब 86 ग्राम वज़न की यह वस्तु दरअसल, उस एल्युमीनियम फोर्जिंग फैक्ट्री में लगी मशीनरी का टूटा हुआ हिस्सा था जिसमें यह मरीज़ काम करता था। यह घटना उस समय हुई जब इस हाइ-स्पीड मशीनरी में से धातु का एक हिस्सा इस कर्मचारी के दाएं फेफड़े को चीरता हुआ सीने की हड्डियों के पार उसके लीवर में जा घुसा। धातु का हिस्सा उसके लीवर की बायीं ओर घुसने से पहले उसके हृदय को भी हल्का-सा छूकर गुजरा। मरीज़ फरीदाबाद स्थित जवाहर कालोनी का रहने वाला है।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, डायरेक्टर, जनरल सर्जरी,डॉ. बी डी पाठक के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने अत्याधुनिक लैपरोस्कोपिक तकनीक की मदद से इस इस धातु की वस्तु को निकाला। जिस तकनीक से यह सर्जरी की गई उसके चलते आसपास के अंगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और और करीब एक घंटे से भी कम समय में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मरीज़ को स्वस्थ होने के बाद 7 दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिल गई। मरीज को काफी गंभीर हालत में अस्पताल में लाया गया था और उन्हें काफी दर्द था।उनकी छाती और पेट में सीटी स्कैन दायीं तरफ न्यूमोथोरैक्स (फेफड़े के बाहर की ओर हवा भरना) दिखाई  दिया जबकि लीवर के बायीं ओर और हृदय के ठीक नीचे एक बड़ी
धातु की वस्तु थी। मरीज के लीवर इस वस्तु को निकालने के लिए उन्की लैपरोस्कोपिक सर्जरी की गई। इस सर्जरी के दौरान न सिर्फ इस बाहरी वस्तु को निकाला गया बल्कि
इसकी वजह से लीवर और अन्य टिश्यू को पहुंचे नुकसान के चलते उन्हें रिपेयर भी किया गया।

डॉ पाठक ने कहा, “हमने एडवांस लैपरोस्कोपिक तकनीक की मदद से इस धातु की वस्तु को निकाला। आमतौर पर इस तरह के मामलों में पेट में बड़ा चीरा लगाया जाता है, लेकिन इस मामले में यह वस्तु फेफड़े के बायीं ओर हृदय के काफी नजदीक थी, इसलिए इस दोनों नाजुक अंगों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए नवीनतम लैपरोस्कोपिक तकनीक का सहारा लिया गया। इस वस्तु की वजह से फेफड़े, लीवर और आसपास के कुछ अंगों को नुकसान पहुंचा था। यदि इसे समय पर नहीं निकाला जाता तो मरीज की मृत्यु हो सकती थी या वह लंबे समय तक लीवर के बेकार पड़ने और अन्य जटिलताओं से ग्रस्त हो सकता था।” डायरेक्टर, फैसिलिटी, योगेंद्र नाथ अवधीया ने कहा, “मरीज की गंभीर हालत के मद्देनज़र यह काफी चुनौतीपूर्ण मामला था। डॉ. पाठक, डॉ सैयद सादिक अली हफ्फान और डॉ विनीत एवं डॉ एविटा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने मिनीमल एक्सेस तकनीक की मदद से मरीज का एकदम सटीक उपचार किया। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल फरीदाबाद में सटीक डायग्नासिस और उपचार के लिए अनुभवी क्लीनीसियन और एडवांस टेक्नोलॉजी उपलब्ध है, जो मरीजों के
स्वास्थ्यलाभ में मददगार साबित होती है।”

Related posts

फरीदाबाद: विकास के लिए उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने 40 वेलफेयर एसोसिएशन के साथ की बैठक ,सरकारी स्कूलों को निजी स्कूल बनाएगें।

Ajit Sinha

चंडीगढ़ ब्रेकिंग: हरियाणा सरकार ने आज तुरंत प्रभाव से पांच आईएएस और एक एचसीएच अधिकारियों के तबादले किए है -लिस्ट पढ़े है।

Ajit Sinha

जिला उपायुक्त जितेंद्र यादव एफआईए के ऑफिस व्यापार मंडल फरीदाबाद के प्रधान राजेश भाटिया ने किया स्वागत किया।

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x