अजीत सिन्हा /नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज बुधवार को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भाजपा के विजय संकल्प अभियान के तहत कई जनसभाओं को संबोधित किया और हिमचल की जनता से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रिवाज को बदलते हुए हिमाचल प्रदेश में एक बार पुनः पूर्ण बहुमत से डबल इंजन वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने की अपील की। नड्डा ने कहा कि मैं आप लोगों के आशीर्वाद से ही यहाँ तक पहुंचा हूँ, इसलिए कभी भी आपका दिल दुखा नहीं सकता। आपके प्यार से मैं यहाँ से कई बार चुनाव लड़ा और जीता। मेरे बारे में काफी भ्रम फैलाया गया लेकिन आपने हर बार ऐसे लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब दिया है। जब मैं राजनीति में आया तो कभी मुझे पारला बोला तो कभी वारला बोला। मैंने कहा कि न तो मैं वारला हूं और ना ही पारला। इसके बाद लोगों ने बोला यह तो दिल्ली चला जाएगा। मैं ने कहा कि मैं दिल्ली नहीं जाउंगा बल्कि दिल्ली को बिलासपुर लेकर आउंगा। कभी कहा कि यह तो पहाड़ों पर नहीं चढ़ेगा।

मैं ने कहा कि मौका दो आपसे ज्यादा तेजी से पहाड़ों पर चलूंगा। हर बार चुनाव के समय भ्रम जाल फैलाया जाता है, कई बार लोग भ्रम जाल में फंस भी जाते हैं लेकिन आप हमेशा मेरे साथ, भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े रहे। आपका प्यार हमेशा से मुझे मिलता रहा है और मुझे विश्वास है कि आप मेरे इस भरोसे को और मजबूत करेंगे। पौधा चाहे कितना भी अच्छा क्यों न हो, उसमें भले ही फल कितने भी लगे हों लेकिन यदि मिट्टी अपना हक़ अदा नहीं करती तो पौधा सूख जाता है। इसलिए, इस चुनाव में मिट्टी को अपना हक़ अदा करना पड़ेगा। यह चुनाव मेरे लिए नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए, प्रदेश के भविष्य के लिए है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के 75 साल गुजर गए, आपने और हमने क्या कभी देखा कि हमलोगों को कोई पूछता भी था? कांग्रेस की सरकारों में बिलासपुर और हिमाचल में प्रधानमंत्री महज राजनीतिक पर्यटन के लिए आया करते थे। कांग्रेस की सरकारों ने यहां के बारे में न तो सोचा और न ही चिंता की लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमेशा हिमचल प्रदेश की जनता के साथ खड़े रहे।

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हिमाचल प्रदेश से विशेष लगाव रहा है। इंदिरा गांधी ने 1971 में यहाँ एक पुल का शिलान्यास किया था, वह भी जनता के आंदोलन के बाद। 1993-94 में जब मैं विधायक बना था, तब तक उस पुल एक पाये भी पूरे नहीं बने थे। 1998 में यह पुल बन कर तैयार हुआ, वहां से विकास की यात्रा शुरू हुई। जब हमारे धूमल मुख्यमंत्री थे, तब मैंने उनसे बिलासपुर में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज देने की मांग की थी। 2012 में यहां एनटीपीसी, एनएचपीसी और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच हाइड्रो इंजीनिरिंग कॉलेज खोलने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई लेकिन 2012 से 2017 तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि हम इसे खोलना चाहते हैं किंतु हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र जी नहीं चाहते हैं। फिर इसे बिलासपुर से हटा कर नगरोटा ले जाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बिलासपुर के फोरलेन की तस्वीर लेने पर ऐसा लगता है मानो स्विट्जरलैंड की तस्वीर हो। बिलासपुर में 1500 करोड़ रुपये की लागत से एम्स का निर्माण हुआ है। बिलासपुर हॉस्पिटल में ट्रॉमा सेंटर, मातृ और बाल केयर सेंटर बना है। हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 26 करोड़ रुपये की परियोजना का उद्घाटन किया। आज बिलासपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में घरों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है। श्रद्धेय वाजपेयी की सरकार में कोल डैम पर काम शुरू हुआ लेकिन कांग्रेस की सरकार आने के बाद उस पर काम रुक गया। जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो कोल डैम पर काम हुआ। लगभग 1,400 करोड़ रुपये के लागत से किन्नौर सतलुज को पर्यटन स्थल बनाने पर काम हो रहा है। मैं दो दिनों के भीतर 103 करोड़ रुपये की लागत से भवानीपुर की परियोजना को लेकर आया था। ऊना में लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से बल्क ड्रग पार्क बन रहा है। नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण हो रहा है। यह हिमाचल को दुनिया के नक़्शे पर स्थापित करेगा। आज दुनिया में भारत फार्मा इंडस्ट्री में दूसरे स्थान पर खड़ा है। जल जीवन मिशन के तहत 90 प्रतिशत से अधिक घरों को जोड़ा जा चुका है।
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