Athrav – Online News Portal
दिल्ली नई दिल्ली राष्ट्रीय विशेष

अम्फान तूफान की रफ्तार से रेलवे को खतरा, हावड़ा में लोहे की चेन से बांधे गए कोच

सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ के आज पश्चिम बंगाल के तट पर टकराने की आशंका जताई जा रही है. 185 से 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तूफान से सबसे बड़ा खतरा रेल सेवाओं को है. हावड़ा में रेल कोचों को चेन से बांधा गया है जिससे तूफानी हवाओं से रेल कोचों को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके.
रेलवे की ओर से हावड़ा के शालीमार साइडिंग में खड़ी रेल के कोच को चेन और ताले से बांधने का इंतजाम किया गया है. पूरे देश में कोरोना संकट के चलते भले ही रेल सेवाएं ठप पड़ी हों, लेकिन जो भी इस दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं,उन्हें भी सुरक्षा के मद्देनजर बंद करने की जानकारी दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से दी गई है.जो ट्रेनें रेलवे ट्रैक पर खाली खड़ी हैं,उन्हें लोहे की मोटी-मोटी चेन स्किट से बांधा गया है और ताला लगाया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है कि चक्रवाती तूफान में तेज हवा की वजह से ट्रेनें कहीं पटरी पर बिना इंजन के सरपट न दौड़ जाएं. अगर इंजन के बगैर एक बार दौड़ गई तो दुर्घटना घट सकती है फिर इसे काबू में करना बेहद मुश्किल साबित हो सकता है.

यही कारण है कि ट्रेन को लोहे की चेन और ताले से बांध कर रखा जाता है.तूफान के दौरान 155 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चलने और भारी बारिश का अनुमान है. भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस दौरान बंगाल के तटीय जिलों में भारी बारिश होगी और समुद्र में चार-पांच मीटर ऊंची लहरें उठेंगी.अम्फान तूफान से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 19 टीमें पश्चिम बंगाल में तो 15 टीमें ओडिशा में तैनात की गई हैं. 6 टीमों को इस तरह से तैयार रखा गया है, कि जब भी जरूरत पड़े, उन्हें एयरलिफ्ट करके पहुंचा दिया जाए.

चक्रवाती तूफान प्रभावित इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है.चक्रवाती तूफान अम्फान की दहशत इतनी है कि हावड़ा कॉरपोरेशन ने 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम चालू रखा है, जिससे लोगों तक किसी भी तरह की असुविधा होने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सके. ओडिशा के तटीय इलाकों में रेत से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं जिससे समुद्री लहरों को बस्तियों तक आने से रोका जा सके. जगतसिंहपुर में तटीय इलाकों से बस्तियां खाली करा ली गई हैं. लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया जा रहा है.

Related posts

अब प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन का नाम होगा सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन और मुकरबा चौक और फ्लाई ओवर का नाम शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा होगा

Ajit Sinha

100 करोड़ का टार्गेट था मुंबई से तो कृपया करके उद्धव ठाकरे और शरद पवार बताएं कि पूरे महाराष्ट्र का टार्गेट क्या था-रवि शंकर

Ajit Sinha

कालकाजी मंदिर में जागरण के दौरान देर रात स्टेज गिरने की घटना, एक महिला की मौत ,17 लोग घायल-लाइव वीडियो देखें

Ajit Sinha
error: Content is protected !!