अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला/फरीदाबाद:हरियाणा में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB) द्वारा प्रभावी कार्रवाई और पैरवी की जा रही है। इसी कड़ी में फरीदाबाद में रिश्वतखोरी के एक मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (जेई) टेकचन्द को चार साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार, फरीदाबाद की अदालत ने 30 अक्टूबर 2026 को मुकदमा संख्या 03, दिनांक 19 मई 2020, थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद के मामले में यह फैसला सुनाया। आरोपित टेकचन्द, जो उस समय नगर निगम फरीदाबाद में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था, को रिश्वत मांगने और लेने के आरोप सिद्ध होने पर दोषी करार दिया गया।

मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ठेकेदारी का कार्य करता था। उसने मई 2019 में फरीदाबाद के सेक्टर-8 में पुरानी पानी की टंकी को तोड़ने का ठेका लिया था। इस कार्य का बिल तैयार करवाने के लिए संबंधित कार्य का एमबी (मेजरमेंट बुक) पूरा करना आवश्यक था। आरोप था कि तत्कालीन जेई टेकचन्द ने एमबी पूरी करने के एवज में शिकायतकर्ता से 14,000 रुपये रिश्वत के रूप में ले लिए। इसके बाद नगर निगम फरीदाबाद के लेखा शाखा में बिल बनवाने के लिए फाइल भेज दी गई। बिल तैयार होने के बाद फाइल पर हस्ताक्षर करने के एवज में आरोपी ने शिकायतकर्ता से दोबारा 14,000 रुपये की रिश्वत की मांग की और कहा कि रिश्वत नहीं देने पर वह फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।शिकायत के आधार पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद की टीम ने 19 मई 2020 को कार्रवाई करते हुए आरोपित टेकचन्द को शिकायतकर्ता से 14,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपित के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद की गई और उसके विरुद्ध नियमानुसार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद ब्यूरो ने 1 सितंबर 2021 को मामले का चालान अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए चार साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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