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चंडीगढ़ ब्रेकिंग: पुलिस शहीदी दिवस के अवसर डीजीपी अजय सिंघल ने 154 अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़: पुलिस शहीदी दिवस के अवसर पर बुधवार को पंचकूला पुलिस लाइन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देशभर में कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 154 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया।

समारोह में डीजीपी ने कहा कि पुलिस शहीदी दिवस देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। इन वीर जवानों का बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शहीदों के परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस विभाग का यह दायित्व है कि शहीद परिवारों को हर परिस्थिति में सहयोग, सम्मान और सुरक्षा का भरोसा मिले तथा वे स्वयं को पुलिस परिवार का अभिन्न अंग महसूस करें।

डीजीपी ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त के दौरान चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवाद, उग्रवाद और संगठित अपराध के खिलाफ संघर्ष करते हुए पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा राज्य के गठन के बाद से अब तक प्रदेश के 88 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया है। उन्होंने हरियाणा पुलिस के इन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी वीरता और कर्तव्यपरायणता पुलिस बल की सबसे बड़ी ताकत है। पुलिसकर्मियों का दायित्व केवल अपराध पर नियंत्रण रखना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। डीजीपी ने मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास , नई भर्तियों और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस के बुनियादी ढांचे और आधुनिकीकरण के लिए 658 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराना, साइबर अपराधों से निपटने के लिए एच4सी के 204 नए पदों को मंजूरी देना, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) का गठन तथा पुलिस बल में नई भर्तियां प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस बल में रिक्त पदों को भरने के लिए मार्च 2027 तक लगभग 15 हज़ार पदों पर भर्ती करने तथा वर्ष 2028 से 2030 के बीच लगभग 13 हज़ार पदों पर भर्ती की योजना है। इसके अतिरिक्त , श्री माता मनसा देवी मंदिर, पंचकूला में प्रदेश की पहली टूरिस्ट पुलिस पोस्ट शुरू होने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को मजबूती मिली है।
डीजीपी ने बताया कि जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में प्रदेश में कुल अपराधों में 9.35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा, चंडीगढ़ के बाद इन कानूनों को लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की सहायता के लिए हरियाणा पुलिस लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। जनवरी 2026 में लगभग 13 हज़ार साइबर शिकायतों की तुलना में सितंबर में यह संख्या घटकर लगभग 11 हज़ार रह गई। इस प्रकार शिकायतों में लगभग 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।जनवरी से सितंबर 2026 तक साइबर अपराध के लगभग 4 हज़ार मामले दर्ज कर लगभग 6 हज़ार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस अवधि में साइबर ठगी से संबंधित करीब 40 प्रतिशत राशि को होल्ड या रिकवर कराया गया। डीजीपी ने कहा कि आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसना तथा नागरिकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस की 112 आपातकालीन सेवा नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान कर रही है। वर्ष -2021  में शुरू हुई इस सेवा के माध्यम से अब तक लगभग 75 लाख नागरिकों को सहायता दी गई है । वहीं, शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए सॉफ्टवेयर आधारित ग्रिवेंस मॉनिटरिंग सिस्टम (GMS) विकसित किया गया है, जिससे थाने, रेंज और पुलिस मुख्यालय स्तर पर शिकायतों की निगरानी की जा रही है। डीजीपी ने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस ने सरल पोर्टल पर सभी विभागों में प्रथम स्थान बनाए रखा है। राइट टू सर्विस के तहत 30 सेवाओं के लिए 10 में से 10 अंक प्राप्त किए गए हैं।उन्होंने कहा कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ भी हरियाणा पुलिस एवं एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। वर्ष 2019 से अब तक 28 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कराया जा चुका है, जबकि 14 अन्य विदेश में हिरासत में हैं और उनकी कानूनी प्रक्रिया जारी है। गैंगस्टरों के स्थानीय सहयोगियों, हथियार आपूर्ति कर्ताओं और आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भी कार्रवाई जारी है। ‘अभेद्य’ ऐप के माध्यम से नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय और वर्चुअल नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल, धमकी, जबरन वसूली और धोखाधड़ी से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीजीपी ने कहा कि पुलिस सुधारों का उद्देश्य केवल तकनीक, कानून और जांच प्रणाली को बेहतर बनाना नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का कल्याण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ‘Our Force, Our Family’ की भावना के साथ हरियाणा पुलिस अपने जवानों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के कल्याण पर पिछले वित्त वर्ष में 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसे चालू वित्त वर्ष में 60 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है। शगुन योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए सहायता, हॉस्टल ग्रांट, छात्रवृत्ति, पुलिस पब्लिक स्कूलों में फीस में छूट, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक जिम और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाओं के माध्यम से पुलिस परिवारों को सहयोग दिया जा रहा है। पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए प्रदेश में 17 आधुनिक बैंक्वेट हॉल भी शुरू किए गए हैं। शहीदों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि में वृद्धि तथा पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने जैसे कदम भी पुलिस परिवारों के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर आवासीय सुविधाओं और कार्यस्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में  लगभग 238 करोड़ रुपये की लागत से आठ पुलिस थानों, तीन चौकियों, 313 आवासीय इकाइयों सहित विभिन्न विकास कार्य पूरे किए गए हैं। मार्च 2027 तक 1,043 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है, जबकि वर्ष 2030-31 तक पुलिस बुनियादी ढांचे पर 4,430 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक पुलिस आवासों की संख्या लगभग 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिसकर्मियों के कल्याण, जनकल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पिछले नौ महीनों में उठाए गए कदमों के परिणाम आने वाले महीनों में धरातल पर दिखाई देंगे। इन योजनाओं को गति देने के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस का लक्ष्य एक आधुनिक, सक्षम, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित पुलिस व्यवस्था तैयार करना है, जो प्रदेश की सुरक्षा और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पंचकूला पुलिस लाइन में नवनिर्मित बहुउद्देशीय हॉल, अशोक स्तंभ और ऑर्डरली रूम का उद्घाटन किया। इन नवनिर्मित सुविधाओं का उद्देश्य पुलिस लाइन में उपलब्ध आधारभूत ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करना तथा पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। इन सुविधाओं के शुरू होने से पुलिस लाइन में विभागीय गतिविधियों, बैठकों और विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। नवनिर्मित बहुउद्देशीय हॉल का उपयोग पुलिस विभाग की बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संवाद सत्रों तथा अन्य विभागीय आयोजनों के लिए किया जा सकेगा। इससे पुलिसकर्मियों को एक ही स्थान पर विभिन्न गतिविधियों के संचालन के लिए सुविधाजनक व्यवस्था मिलेगी।

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