अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:इंडिया गठबंधन ने कहा है कि वोट चोरी के खिलाफ उसका आंदोलन रुकने वाला नहीं है और यह लड़ाई अंतिम लक्ष्य तक पहुंचेगी।इसके साथ ही, गठबंधन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि मोदी सरकार लोगों को अपनी लोकतांत्रिक भावनाएं व्यक्त करने से रोकना चाहती है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेता मंगलवार को नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर आयोजित बैठक में जुटे थे। बैठक में आंदोलनकारी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि तथा सिविल सोसाइटी के सदस्य भी शामिल हुए।

बैठक के उपरांत कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 4 दिनों में इंडिया गठबंधन ने वोट चोरी के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में शायद ही कभी इतनी बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए हों। बड़ी संख्या में युवा और आम नागरिक खुद इस आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोट चोरी के प्लान को पूरी तरह उजागर करने के लिए सभी लोग तैयार हैं।

जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक भावनाएं व्यक्त करने पर रोक लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने का एक माध्यम रहा है, लेकिन अब सरकार वहां रोक लगा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इतनी आसानी से यह तय नहीं कर सकती कि भारतीय लोग अपनी आवाज के लिए संघर्ष नहीं करेंगे।वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले के मुख्य सूत्रधार हैं, गृह मंत्री अमित शाह इसे लागू करने वाले हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों को समझना चाहिए कि उनके चारों ओर घेरा कसता जा रहा है। भारतीय संविधान को तहस नहस करके बच निकलना इतना आसान नहीं होगा। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी, शाह, ज्ञानेश कुमार, देहरादून में छिपी हुई महिला और अन्य लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में संविधान को कमजोर कर दिया गया है; चुनाव प्रणाली को भी खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी नेता मिलकर देश में वास्तविक लोकतांत्रिक शासन बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च की सफलता के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि वह राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि भारत के आम नागरिकों का प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि देश के आम और गैर-राजनीतिक नागरिकों की भागीदारी के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने दिल्ली और देशभर के उन लोगों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने इस संघर्ष में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई विपक्षी नेताओं के लिए नहीं, बल्कि भारत की जनता और उसके भविष्य के बारे में है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए सभी नेता मिलकर अंत तक लड़ेंगे।राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले भी लगातार डटे रहने की बात कही थी। इंडिया गठबंधन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “हमारी टीम रुकने वाली नहीं है। आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों, परसों नहीं तो तीन महीने बाद, तीन महीने बाद नहीं तो छह महीने बाद, छह महीने बाद नहीं तो एक साल बाद, नहीं तो दो साल बाद हम सफल होंगे। हमारी लड़ाई अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंचेगी।”उन्होंने आगे कहा कि जिस ऊर्जा, ताकत और एकजुटता के साथ इंडिया गठबंधन ने लोगों को संगठित किया है, उसी तरह सभी नेता मिलकर संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन किस तरह आगे बढ़ेगा, इसका खुलासा वह अभी नहीं कर सकते, क्योंकि इससे आगे की रणनीति का रहस्य खत्म हो जाएगा।राहुल गांधी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट,भारत के मुख्य न्यायाधीश और देश की न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायपालिका अपनी भूमिका निभाएगी। राजनीतिक भूमिका के दृष्टिगत अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि चाहे कोई संस्था अपनी भूमिका निभाए या नहीं, राजनीतिक प्रतिरोध और जनता का संघर्ष जारी रहेगा और अंततः उसकी जीत होगी।राहुल गांधी ने मीडिया का भी धन्यवाद किया और कहा कि पत्रकार इस संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा साहस दिखा रहे हैं।बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, सीपीआई (एमएल), सीपीआई, सीपीआई (एम), जेएमएम, आईयूएमएल, जेकेएनसी, एनसीपी (शरद चंद्र पवार), शिवसेना (यूबीटी), वीसीके, एआईएफबी, केरल कांग्रेस (एम),केरल कांग्रेस (जे), आरएसपी के नेता शामिल हुए।प्रेस वार्ता में राजद नेता तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी नेता हरेंद्र मलिक,तृणमूल कांग्रेस नेता सागरिका घोष,शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, एनसीपी (शरद पवार) नेता सुप्रिया सुले, सीपीआई नेता डी. राजा, सीपीआई (एम) नेता एमए बेबी,सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और छात्र नेता नेहा बोरा ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने पर रोक लगाने की कड़ी निंदा की। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश, मीडिया चेयरमैन पवन खेड़ा, योगेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
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