
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए निकाले गए इंडिया गठबंधन के ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में हिस्सा लेने सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर लाखों लोग पहुंचे।तमाम पाबंदियों के बावजूद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में उमड़े विशाल जनसैलाब ने इस मार्च को ऐतिहासिक बना दिया। बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकले मार्च के माध्यम से लोगों ने वोट चोरी के विरुद्ध अपना जोरदार विरोध दर्ज कराया और राजधानी की सड़कों को नारों से गुंजायमान कर दिया।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, एनसीपी (शरद चंद्र पवार) नेता सुप्रिया सुले, महुआ माझी, एमए बेबी, डी. राजा, सौगत रॉय, ई. टी. मोहम्मद बशीर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत तमाम वरिष्ठ नेता, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस शासित राज्यों के मंत्री और विधायक सहित सभी प्रमुख इंडिया गठबंधन के नेता दोपहर में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एकत्र हुए, जहां से वे कनॉट प्लेस और बाराखंबा रोड के रास्ते सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।विपक्षी नेताओं की एकजुट मौजूदगी और सड़कों पर उमड़ी भारी भीड़ ने इस विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से अहम बना दिया। मार्च में उम्मीद से ज्यादा भारी भीड़ उमड़ी और दशकों बाद दिल्ली की सड़कों पर ऐसा जनसैलाब देखने को मिला, जिससे राजनीतिक पंडित हैरान रह गए। लोगों की भारी भागीदारी के लिए धन्यवाद देते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर कहा कि वोट चोरी के खिलाफ इंडिया की लड़ाई जारी रहेगी, जनसैलाब गवाह है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय होकर रहेगी।
ऐतिहासिक विशाल मार्च में शामिल सभी लोगों, इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। सरकार मारे, धमकाए या डराए लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। सबने एक टीम की तरह काम किया। जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।” वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा। हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे। मैं उन सभी सिविल सोसाइटी संगठनों का भी दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ, जो आज हमारे साथ आए और जिन्होंने हमारा समर्थन किया। आपके समर्थन की हम कद्र करते हैं। हम आप सभी से मोहब्बत करते हैं। भारत की सोच, हमारे संविधान के विचार और हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज सड़कों पर उतरने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद। मुझे उन सभी लोगों पर बेहद गर्व है, जो आज सड़कों पर उतरे।” इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने याचिका दायर करने का सुझाव देकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का रास्ता दिखाया है।भारी भीड़ से उत्साहित प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि हम इस देश के लोकतंत्र पर आंच तक नहीं आने देंगे और जनता के वोट का अधिकार किसी भी कीमत पर चोरी नहीं होने देंगे। वहीं, केसी वेणुगोपाल ने कहा कि लाखों-लाखों देशभक्त नागरिक ‘चलो दिल्ली’ मार्च में शामिल हुए। उन्होंने इसे जनता की ताकत बताया।
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