
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस की विशेष पुलिस आयुक्त/कानून एवं व्यवस्था, जोन-I, देवेश चंद्र श्रीवास्तव, आईपीएस, तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, उत्तरी रेंज, विजय सिंह, आईपीएस के मार्गदर्शन में, लोकेश्वरन आर, आईपीएस, अतिरिक्त डीसीपी-I/आउटर-नॉर्थ जिला की करीबी निगरानी तथा राकेश कुमार, एसीपी/नरेला के नेतृत्व में एक समर्पित टीम ने एमसीओसीए मामले में दो फरार आरोपितों को पकड़कर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। डीसीपी,बाहरी-उत्तर जिला, दिल्ली शोभित डी.सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) की धारा 3/4 के अंतर्गत एफआईआर संख्या 411/2020पीएस नरेला में नरेला क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित अपराध गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध दर्ज की गई थी।

जांच के दौरान,चार आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि वर्तमान दो आरोपित फरार थे और गिरफ्तारी से बच रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, राकेश कुमार, एसीपी/नरेला के नेतृत्व में एक समर्पित टीम गठित की गई, जिसमें एसआई मोहित, एसआई अजय, एएसआई जसवंत, एचसी नवीन और कांस्टेबल प्रदीप शामिल थे। टीम ने निरंतर तकनीकी विश्लेषण, क्षेत्रीय सत्यापन किया और वांछित आरोपितों के ठिकानों के संबंध में स्थानीय खुफिया जानकारी विकसित की।विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर तथा निरंतर प्रयासों, सुरागों के व्यवस्थित अनुवर्ती और लक्षित छापेमारियों के माध्यम से, पुलिस टीम ने दोनों फरार आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया, जिससे एमसीओसीए मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली।
आरोपित प्रोफ़ाइल
1. विनोद @ खलीफा, पुत्र ईश्वर, आयु: 39 वर्ष, निवासी: बांकनेर, नरेला, दिल्ली। वह पहले 10 आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। जांच में यह सामने आया है कि उसकी कथित भूमिका सहयोगियों की सहायता से एक जुआ अड्डा संचालित करने में थी, जिसमें अवैध गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए वेतन के आधार पर कार्यरत व्यक्ति भी शामिल थे। उस पर लोगों को धमकाकर धन उगाही करने का भी संदेह है।
2. विकास @ विक्की, पुत्र नरेश कुमार, आयु: 43 वर्ष, निवासी: बांकनेर, नरेला, दिल्ली। वह पहले 06 आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है और संगठित अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य होने का संदेह है।
बरामदगी और उसके पश्चात की कार्रवाई
1. सट्टा/जुआ अड्डे का भंडाफोड़: जांच के दौरान, आरोपित विनोद @ खलीफा के खुलासे पर लम्पुर क्षेत्र में उसके द्वारा कथित रूप से संचालित किए जा रहे सट्टा/जुआ अड्डे पर छापा मारा गया। मौके से दस व्यक्तियों को पकड़ा गया, और जुआ अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया।
2. नकदी और वाहन की बरामदगी: आरोपित विनोद @ खलीफा के आगे के खुलासे पर कार्रवाई करते हुए, हरियाणा के सोनीपत, मुरथल स्थित उसके निवास पर छापा मारा गया। छापे के दौरान, अपराध की आय होने का संदेहित ₹30,00,000/- (तीस लाख रुपये मात्र) नकद और एक महिंद्रा थार वाहन विधि के अनुसार बरामद/जब्त किया गया।
आगे की जांच
आरोपितों के वित्तीय और आपराधिक संबंधों को स्थापित करने तथा संगठित आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से अर्जित किए जाने का संदेह रखने वाली संपत्तियों, वाहनों और अन्य परिसंपत्तियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। बरामद नकदी के स्रोत और उसके प्रवाह-पथ की जांच की जा रही है, और कथित अपराध सिंडिकेट के अन्य सहयोगियों तथा लाभार्थियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों की पूर्व आपराधिक संलिप्तताओं की भी जांच कर रही है, ताकि उनके व्यापक नेटवर्क और कार्यप्रणाली का पता लगाया जा सके। कानून के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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