अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी (एनसीआर) क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए जा रहे सख्त उपायों के मद्देनजर हरियाणा परिवहन विभाग ने राज्य के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े जिलों में स्थित सभी पेट्रोल पंप संचालकों और ईंधन बिक्री केंद्रों को ईंधन भरने से पहले वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र की अनिवार्य रूप से जांच करने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश संख्या 101 के तहत जारी किए गए हैं। इसके अनुसार “प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र नहीं, तो ईंधन नहीं” व्यवस्था 1 अक्टूबर, 2026 से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू हो गई है। हरियाणा सरकार द्वारा वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे व्यापक उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों के पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली लगाने और लागू करने का कार्य भी किया जा रहा है।

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी गई है। निर्देशों के तहत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी बिक्री केंद्रों पर ऐसे वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र नहीं है। पेट्रोल पंपों पर लगाई जा रही स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली के माध्यम से वाहन के पंजीकरण नंबर का ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र संबंधी अभिलेख से मिलान कर प्रमाण-पत्र की वैधता की जांच की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली की स्थापना और संचालन पूरी तरह शुरू होने तक पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके कर्मचारी प्रत्येक वाहन में ईंधन भरने से पहले उसके प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र की वैधता की मैनुअल रूप से जांच करें। यदि वाहन मालिक या चालक वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है, तो तत्काल ईंधन देने से इनकार किया जाए और आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज किया जाए। परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले वाहनों को ईंधन देने से पहले निकटतम अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर जाकर आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया जाए। इसके अलावा, सभी पेट्रोल पंपों के प्रवेश द्वारों और ईंधन भरने वाले स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी में स्पष्ट एवं प्रमुखता से दिखाई देने वाले चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा:“वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र नहीं—ईंधन नहीं। ई-चालान एवं दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र सुनिश्चित करें।” विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र के बिना वाहन चलाने या संचालित करने पर लागू मोटर वाहन नियमों के तहत 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। परिवहन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और पेट्रोल पंप संचालकों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश संख्या 101 का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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