अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ और देशभर में एससी-एसटी समुदायों के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेस एससी-एसटी सांसदों का फोरम आगामी 29 सितंबर को दिल्ली में ‘दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक’ का आयोजन करेगा। बैठक में देशभर से पार्टी के एससी-एसटी वर्ग के सांसद, पूर्व सांसद, मंत्री, विधायक समेत कई प्रतिनिधि शामिल होंगे।कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान फोरम के सदस्य एवं पार्टी सांसद मल्लू रवि, मनोज कुमार, तनुज पुनिया, कर्मवीर बौद्ध और भजनलाल जाटव ने एसटी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के साथ बैठक की विस्तृत जानकारी दी।

कांग्रेस सांसदों ने बताया कि एससी-एसटी सांसदों का यह मंच पार्टी के एससी और एसटी विभागों के सहयोग से 29 सितंबर को दोपहर ढाई बजे से दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में ‘दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक’ आयोजित करेगा। बैठक में मुख्य रूप से हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ की घटना पर चर्चा की जाएगी। साथ ही देशभर में एससी-एसटी समुदायों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को लेकर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि देशभर में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 का उल्लंघन हो रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अभी तक ‘शुद्धिकरण’ की घटना की निंदा नहीं की है, जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इस कृत्य का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि आजादी के इतने वर्षों बाद भी जाति के आधार पर छुआछूत और भेदभाव जारी रहा, तो विकसित भारत 2047 का सपना कभी साकार नहीं हो सकता।पार्टी सांसदों ने जोर देकर कहा कि यह घटना केवल मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं है, बल्कि देश के पूरे दलित और आदिवासी समाज के स्वाभिमान पर चोट है।कांग्रेस सांसदों ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा शासित प्रदेशों में दलितों-आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने भाजपा-आरएसएस को दलित और आदिवासी विरोधी बताते हुए यह भी कहा कि आज देश का संविधान खतरे में है और संस्थाओं पर कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर की बैठक में सभी प्रतिनिधि एकजुट होकर आगे की रणनीति व एजेंडा तैयार करेंगे और हर राज्य में ज्वाइंट एक्शन पैनल के तहत एससी-एसटी वर्ग पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कांग्रेस एससी-एसटी सांसद मंच को एक एक्शन फोरम बताते हुए कहा कि देशभर में जहां भी दलितों और आदिवासियों के ऊपर अत्याचार होगा, वहां जाकर उनकी लड़ाई को मजबूती दी जाएगी। पार्टी सांसदों ने कांग्रेस के सभी जनप्रतिनिधियों व सदस्यों से बैठक में शामिल होने एवं अन्याय के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देने की अपील की।
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