
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीए फर्म में इनवेस्टमेंट के नाम पर रखे करोड़ों रुपयों की सनसनीखेज चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत गिरोह के 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये की भारी नकदी और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट वाली ऑरा कार बरामद की है।

नोएडा डीसीपी साद मियां खान ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वासुदेव नाम के एक लॉ फर्म संचालक ने थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने इन्वेस्टमेंट के उद्देश्य से लगभग 1.5 से 1.6 करोड़ रुपये सीए आशीष सक्सेना को दिए थे। आशीष के साथ उनके पार्टनर आदर्श, भरत और अवनीश भी काम देखते हैं। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अवनीश ने फर्म में करीब 46 लाख रुपये लगाए थे, लेकिन उसे मनमुताबिक रिटर्न नहीं मिल रहा था। जब उसे पता चला कि आशीष के सेक्टर-25 स्थित गैराज में वासुदेव द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये रखे हैं, तो उसने अपने रिश्तेदार जीतू और अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी का फुल प्रूफ प्लान बनाया। 11 अगस्त की रात आरोपियों ने गैराज से भारी नकदी पार कर दी और रकम को अलीगढ़ में छुपा दिया।सेक्टर-20 थाना पुलिस, एसीपी और सर्विलांस टीम ने करीब 400 से 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्ध गाड़ियों की पहचान की। गलत नंबर प्लेट वाली संदिग्ध कार का पीछा करते हुए पुलिस ने पूरी वारदात की कड़ियों को जोड़ा और अवनीश कुमार मास्टर माइंड, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेन्द्र उर्फ जीतू, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों के पास से शत-प्रतिशत बरामदगी के तहत 1 करोड़ 48 लाख रुपये (500-500 के नोटों की 296 गड्डियां) और बिना नंबर की ऑरा कार बरामद हुई। पकड़े गए आरोपियों में जीतू और पवन का पहले से लंबा आपराधिक इतिहास (आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर और एनडीपीएस) रहा है।
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