
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि देश का मौजूदा सिस्टम युवाओं को रोजगार, शिक्षा व अवसरों से वंचित कर उन्हें ‘चक्रव्यूह’ में फंसा रहा है और यह व्यवस्था भाजपा-आरएसएस, मोदी-शाह एवं अडानी के फायदे के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने डर का सामना करते हुए सिस्टम के अंधेरे में रोशनी की मशाल जलाने का काम किया है और अब समय आ गया है कि इस भ्रष्ट सिस्टम को मोहब्बत, सत्य और अहिंसा के रास्ते से बदला जाए।उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि बीते 10 वर्षों में अडानी की दौलत 30 गुना बढ़ गई है, भाजपा का बैंक बैलेंस 150 करोड़ रुपये से बढ़कर दस हजार करोड़ रुपये हो गया है। शिक्षण समेत देश के हर संस्थान में आरएसएस प्रचारकों को बैठाकर सोच पर नियंत्रण किया जा रहा है। भाजपा-आरएसएस के इस सिस्टम ने रोजगार खत्म कर दिए हैं, शिक्षण संस्थानों पर कब्जा कर लिया है और युवाओं के ऊपर हमला किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों का ध्यान भटकाते हैं और वोट चोरी की जाती है।
नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि डाटा और ताकत युवाओं की है, लेकिन सिस्टम ने उन्हें चक्रव्यूह में फंसा रखा है। परिवारों के लाखों-करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी युवाओं को केवल एक डिग्री का सर्टिफिकेट मिलता है, जो रोजगार की कोई गारंटी नहीं देता। उन्होंने पेपर लीक होने का भी जिक्र किया। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि देश में प्रति 1,000 युवाओं में से केवल 12 लोगों को ही पक्की नौकरी मिल पा रही है। राहुल गांधी ने छात्र आंदोलनों की सराहना करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने डर का सामना कर इस सिस्टम के फैलाए अंधेरे में रोशनी की मशाल जलाने का काम किया है। ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है। उन्होंने संदेश दिया कि हिंदुस्तान की संस्कृति सत्य और अहिंसा की है। किसी भी छात्र के दिल में नफरत नहीं, सिर्फ मोहब्बत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब भाजपा-आरएसएस और अडानी के इस भ्रष्ट सिस्टम को खत्म करने का समय आ गया है।
युवाओं के भारी जोश के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चीनी उत्पाद तीन गुना हावी हो चुके हैं और दुनिया में मेड इन इंडिया के उत्पाद नहीं दिखते। देश में 90 प्रतिशत छोटे-मध्यम उद्योगों के लिए बैंकों से लोन नहीं मिल पा रहा है। सरकारी नौकरियों में 150 अभ्यर्थियों में से केवल एक का चयन हो पाता है। सार्वजनिक उपक्रमों की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2014 में जहां इनमें 14 लाख नौकरियां थीं, वहीं इनका निजीकरण करने से 2024 में यह संख्या घटकर केवल सात लाख रह गई है। इसके अलावा, आने वाले समय में कॉरपोरेट क्षेत्र में एआई के प्रभाव से 60 प्रतिशत नौकरियां घटने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, इसलिए वे दर्द में हैं।मैदान में उमड़ी खचाखच भीड़ के बीच राहुल गांधी ने भारत के 40 करोड़ युवाओं को देश की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में देश युवाओं की ताकत और उनके डाटा के बल पर ही आगे बढ़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा और डाटा 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि युवाओं के डाटा के बिना एआई का कोई अस्तित्व नहीं है, क्योंकि डाटा से एआई तो बनाया जा सकता है, लेकिन एआई खुद डाटा का निर्माण नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुस्तान के युवाओं की काबिलियत के सामने अमेरिका और चीन जैसे देश कुछ भी नहीं हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं का डाटा छीनकर बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को दिया जा रहा है। युवाओं को कंटेंट और रील्स बनाने की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि सोशल मीडिया 21वीं सदी का नया नशा है। उन्होंने कहा कि इसके बाद सम्मानजनक नौकरियां देने के बजाय युवाओं को ब्लिंकिट और उबर जैसी सेवाओं में काम करने या मजदूरी करने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज डाटा और दर्द युवाओं का है, लेकिन दौलत पर कब्जा अडानी जैसे उद्योगपतियों, मोदी सरकार और आरएसएस का है।राहुल गांधी ने प्रयागराज के साथ अपने परिवार के जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का घर प्रयागराज में था और उन्हें यहां आकर बहुत खुशी होती है। उन्होंने आगे कहा कि यह शहर ज्ञान का केंद्र हुआ करता था और इलाहाबाद विश्वविद्यालय एक समय देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में गिना जाता था।इस दौरान राहुल गांधी ने अलग-अलग राज्यों के कई छात्रों को भी स्टेज पर बुलाया। इन छात्रों ने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में परीक्षा और भर्ती व्यवस्था को लेकर अपने कड़वे अनुभव साझा किए। छात्रों ने यह भी बताया कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस की बर्बरता के खिलाफ बंद का आह्वान करने के बाद बिहार सरकार ने उन्हें कैसे परेशान किया। वहीं उत्तर प्रदेश के एक छात्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं।
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