अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET)-2026 के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के साथ-साथ अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। परीक्षा के दौरान राज्यभर में पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई ताकि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में 4 एवं 5 जुलाई को आयोजित परीक्षा के दौरान हरियाणा पुलिस की डायल-112 सेवा ने राज्यभर में कुल 18 आपात सहायता मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थियों को समय पर उनके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। इन मामलों में ट्रैफिक जाम, वाहन खराब होना, सड़क दुर्घटना, गलत बस में बैठ जाना, परीक्षा केंद्र का रास्ता भटक जाना तथा परिवहन के साधन उपलब्ध न होना जैसी परिस्थितियां शामिल रहीं। सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) की टीमों ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर अभ्यर्थियों को सुरक्षित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया, जिससे वे निर्धारित समय पर परीक्षा में शामिल हो सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश थे कि एचटेट-2026 परीक्षा के दौरान यदि कोई अभ्यर्थी परिवहन संबंधी समस्या, आपात स्थिति या अन्य किसी कारण से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में असमर्थ हो, तो हरियाणा पुलिस उसे हरसंभव सहायता उपलब्ध कराए और यह सुनिश्चित करे कि कोई भी अभ्यर्थी केवल परिस्थितियों के कारण परीक्षा से वंचित न रहे।
फतेहाबाद निवासी निशा परीक्षा देने के लिए रतिया बस स्टैंड पहुंची थीं, लेकिन परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए उन्हें कोई साधन नहीं मिल रहा था। समय तेजी से निकल रहा था और उन्हें परीक्षा छूटने की चिंता सताने लगी। ऐसे में उन्होंने डायल-112 पर सहायता मांगी। सूचना मिलते ही ईआरवी टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची और निशा को रतिया बस स्टैंड से मनोहर मेमोरियल कॉलेज, फतेहाबाद स्थित परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित एवं समय पर पहुंचाया। निशा ने कहा, “मैं काफी घबरा गई थी क्योंकि मुझे लगा कि अब मेरी परीक्षा छूट जाएगी। डायल-112 की टीम ने बिना देर किए मेरी मदद की और समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया। हरियाणा पुलिस की इस संवेदनशीलता के लिए मैं दिल से धन्यवाद करती हूं।”
भिवानी की उर्मिला देवी परीक्षा के लिए निकली थीं, लेकिन समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने तुरंत डायल-112 पर संपर्क किया। ईआरवी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यू बस स्टैंड, भिवानी से महाराजा नीमपाल कॉलेज, भिवानी स्थित परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाया। उर्मिला देवी ने कहा, ”मैं बहुत परेशान थी कि कहीं परीक्षा छूट न जाए। पुलिस की त्वरित सहायता से मैं समय पर परीक्षा दे सकी। हरियाणा पुलिस की यह मदद मैं कभी नहीं भूलूंगी”।
हिसार में योगेश अपनी पत्नी दिव्या को परीक्षा दिलाने के लिए दोपहिया वाहन से परीक्षा केंद्र लेकर जा रहे थे। रास्ते में उनका सड़क हादसा हो गया, जिससे उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद दोनों काफी परेशान हो गए क्योंकि परीक्षा का समय नजदीक था। सूचना मिलते ही डायल-112 की ईआरवी टीम तत्काल मौके पर पहुंची। परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस टीम ने दिव्या को गंगवा स्थित परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाया, जबकि योगेश क्षतिग्रस्त वाहन की व्यवस्था में वहीं रुके। दिव्या ने कहा, “दुर्घटना के बाद मुझे लगा कि मेरी साल भर की मेहनत बेकार हो जाएगी। लेकिन हरियाणा पुलिस ने कुछ ही मिनटों में पहुंचकर मुझे परीक्षा केंद्र पहुंचाया। यह मदद मेरे लिए कभी न भूलने वाली है। मैं पूरी हरियाणा पुलिस टीम का हृदय से धन्यवाद करती हूं।”
झज्जर की निशा अनजाने में गलत बस में बैठ गईं और बेरी बस स्टैंड पहुंच गईं। जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो परीक्षा का समय निकट था और उनके पास परीक्षा केंद्र पहुंचने का कोई साधन नहीं था। उन्होंने तुरंत डायल-112 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही ईआरवी टीम मौके पर पहुंची और उन्हें बेरी बस स्टैंड से संस्कारम पब्लिक स्कूल, खातीवास (झज्जर) स्थित परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचाया। निशा ने कहा, “गलत बस में बैठने के बाद मुझे लगा कि मेरी परीक्षा अब नहीं हो पाएगी। लेकिन हरियाणा पुलिस ने तुरंत मेरी मदद की और समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाकर मेरी चिंता खत्म कर दी। इसके लिए मैं पूरी टीम की आभारी हूं।”
रोहतक की स्वीटी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई हो रही थी। सूचना मिलने पर ईआरवी टीम ने उन्हें नेकीराम कॉलेज, रोहतक से किशोरी कॉलेज, रोहतक स्थित परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाया। स्वीटी ने कहा, “डायल-112 की त्वरित कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के सहयोग ने मुझे समय पर परीक्षा दिलाई। हरियाणा पुलिस ने वास्तव में अभिभावक की भूमिका निभाई है।”
गुरुग्राम की अमृता समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पा रही थीं। उन्होंने डायल-112 पर सहायता मांगी। ईआरवी टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उन्हें सेक्टर-21 हुडा मार्केट, गुरुग्राम से डीएलएफ-2, फेज-5, सेक्टर-19 स्थित परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाया। अमृता ने कहा, “समय कम था और मैं काफी घबराई हुई थी। हरियाणा पुलिस ने तुरंत मदद कर मुझे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया। मैं हरियाणा पुलिस की इस सेवा और संवेदनशीलता को हमेशा याद रखूंगी।”
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने डायल-112 एवं परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों को पूरी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ धरातल पर लागू किया। डीजीपी सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की आवश्यकता के समय उसकी मदद करना भी है। एचटेट-2026 के दौरान डायल-112 की टीमों द्वारा 18 आपात सहायता मामलों में अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाना इसी सेवा-भावना और संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एक परीक्षा किसी भी अभ्यर्थी के भविष्य और वर्षों की मेहनत से जुड़ी होती है। ऐसे समय में यदि पुलिस की तुरंत सहायता से किसी युवा का भविष्य संवरता है, तो इससे बड़ी संतुष्टि पुलिस बल के लिए और कोई नहीं हो सकती। हरियाणा पुलिस के जवानों ने यह साबित किया है कि वे केवल सुरक्षा के प्रहरी ही नहीं, बल्कि समाज के सच्चे सहयोगी और संरक्षक भी हैं।डीजीपी श्री सिंघल ने कहा कि डायल-112 सेवा आज आमजन के लिए भरोसे का प्रतीक बन चुकी है। किसी भी आपात स्थिति में हमारी प्राथमिकता तुरंत प्रतिक्रिया, संवेदनशील व्यवहार और प्रभावी सहायता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी हरियाणा पुलिस इसी प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों की सेवा करती रहेगी तथा ‘सेवा, सुरक्षा और सहयोग’ के अपने मूल मंत्र को पूरी निष्ठा से निभाएगी।
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