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दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय हाइलाइट्स

कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर उसे व्यापार बनाया।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली:कांग्रेस ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। कांग्रेस नेता डॉ. कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर इसे व्यापार बना दिया है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और एनएसयूआई प्रभारी डॉ. कन्हैया कुमार ने नीट परीक्षा में लगातार हो रही गड़बड़ियों का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तुरंत प्रतिबंधित करने की मांग दोहराई। साथ ही कहा कि पेपर लीक के सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए सक्षम संस्थान स्थापित किया जाए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान सरकार में अयोग्य लोगों को विश्वविद्यालयों का कुलपति और संस्थाओं का निदेशक बनाया जा रहा है, जिनका काम सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाहवाही करना है। उन्होंने ओडिशा के पाठ्यक्रम में महान वैज्ञानिक को पायलट बताए जाने और राजस्थान में प्रश्न पत्र की जगह उत्तर पुस्तिका बांटे जाने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि अशिक्षा फैलाकर विकसित भारत का लक्ष्य कैसे पूरा होगा? उन्होंने कहा कि आज युवाओं के लिए शिक्षा आसान नहीं रह गई है, लगातार पेपर लीक हो रहे हैं; जिसके लिए मोदी सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किए गए अयोग्य लोग जिम्मेदार हैं।कांग्रेस नेता ने कहा कि आज कोई ऐसी परीक्षा नहीं बची है, जिसका पेपर लीक न हो रहा हो; यहां तक कि अब यूपीएससी जैसी परीक्षा पर भी सवाल उठ रहा है। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कटाक्ष किया कि पर्ची वाले प्रधानमंत्री के राज में पेपर लीक होना तो स्वाभाविक है। कन्हैया कुमार ने कहा कि नीट का पेपर लीक हो चुका है, अब यह परीक्षा दोबारा हो रही है। यह लगातार चौथा साल है जब नीट में गड़बड़ी की खबर आई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ टेलीग्राम या सोशल मीडिया ऐप पर पाबंदी लगाने से पेपर लीक नहीं रुकेंगे, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार भ्रष्ट और अयोग्य तंत्र पर सख्त कार्रवाई करनी होगी।देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर करारा प्रहार करते हुए कन्हैया कुमार ने आगे कहा कि माँ-बाप अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जमीन और सोना गिरवी रख रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार आम लोगों की जेब काट रही है। आज शिक्षा के कुल बजट से ज्यादा आम लोग अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं, इसके बाद भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा बीच में छोड़ने की ऊंची दर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है; पूरी मशीनरी चल रही है जो शिक्षा को महंगी बना रही है और उसकी पहुंच सीमित कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जब व्यापार बन जाएगी और लोगों का बुनियादी अधिकार नहीं रहेगी तो वह वस्तु की तरह खरीदी व बेची जाएगी।उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा टूट गया है और युवाओं से सपने देखने का अधिकार छीना जा रहा है, जबकि भाजपा नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं।कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोटा में हुई ‘छात्रों की गूंज महारैली’ में राहुल गांधी द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण को देखने की अपील की। कन्हैया कुमार ने छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठने के कारण देश के युवा गहरे अवसाद में जा रहे हैं। कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस सड़कों पर उतरकर पेपर लीक के खिलाफ संघर्ष करेगी और शिक्षा को व्यापार की वस्तु बनने से बचाते हुए इसे फिर से बुनियादी अधिकार बनाएगी, क्योंकि शिक्षित भारत से ही विकसित भारत का निर्माण संभव है।इस दौरान उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर एनएसयूआई द्वारा रक्तदान शिविर और युवा कांग्रेस द्वारा महारोजगार मेला आयोजित किए जाने की भी सराहना 

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