
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर करारा वार करते हुए कहा कि खुद को देशभक्त कहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अग्निवीर योजना लागू करते हैं, वन रैंक-वन पेंशन नहीं देते और दिव्यांगता पेंशन पर मिलने वाला लाभ भी छीन लेते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बनने पर अग्निवीर योजना को पूरी तरह रद्द कर दिया जाएगा,क्योंकि यह भारतीय सशस्त्र बलों की नींव के खिलाफ है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में आयोजित पूर्व सैनिक व अर्धसैनिक बल स्वाभिमान सभा को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे प्रहार किए। वे खराब मौसम के कारण रैली में नहीं पहुंच सके, इसलिए उन्होंने विशाल जनसभा को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया।पूर्व सैनिकों से सीधा संवाद करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि एक सैनिक देश के लिए सब कुछ समर्पित कर देता है और बदले में सरकार उसके व उसके परिवार के भविष्य की सुरक्षा की गारंटी देती है। परंतु मोदी सरकार ने अग्निवीर योजना लाकर यह पवित्र समझौता तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा के दौरान यदि कोई सैनिक शहीद हो जाए तो भी उसके परिवार को कोई सामाजिक सुरक्षा या पेंशन नहीं मिलती।
उन्होंने आरोप लगाया कि अग्निवीर योजना लाने का असली कारण देश के रक्षा बजट का पैसा सैनिकों के बजाय अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों की जेब में डालना है। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (एचएएल, बीईएल, एनएएल) को कमजोर करने और रक्षा सौदों के ठेके अडानी जैसे उद्योगपतियों को सौंपने का भी जिक्र किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल से हुई मुलाकात का हवाला देते हुए कहा कि सरकार डिसेबिलिटी पेंशन (दिव्यांगता पेंशन) पर टैक्स में मिलने वाली छूट को खत्म कर रही है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर जोरदार प्रहार किया। राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए देश में आने वाले आर्थिक तूफान के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में सरेंडर करते हुए यह समझौता किया है। उन्होंने कहा कि आज भारत उसी देश से तेल या गैस खरीद सकता है, जिसकी अनुमति अमेरिका देगा। उन्होंने बताया कि व्यापार समझौते के तहत अमेरिका के हजारों एकड़ वाले हाई-टेक किसान अब भारत में अपनी कपास, सोयाबीन , फल, बादाम और मक्का बेच सकेंगे, जिससे भारत के छोटे किसान बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत का डेटा अमेरिका को सौंप दिया गया है। साथ ही मोदी सरकार ने अमेरिका से हर साल साढ़े नौ लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदने का वादा किया है, जिससे देश के छोटे और मध्यम उद्योग बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने इतना कुछ देने के बावजूद अमेरिका से देश के लिए कुछ हासिल नहीं किया; अमेरिका का शुल्क घटा, जबकि भारत पर शुल्क का बोझ बढ़ा। उन्होंने कहा कि इसका कारण नरेंद्र मोदी का कॉम्प्रोमाइज्ड होना है; ट्रंप खुलकर कहते हैं कि वह नरेंद्र मोदी के करियर को कभी भी खत्म कर सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा का वित्तीय ढांचा अडानी के साथ जुड़ा हुआ है और इसी वित्तीय ढांचे ने प्रधानमंत्री को फंसाया हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी और अडानी के बीच यह वित्तीय संबंध डोनाल्ड ट्रंप को मालूम है, इसलिए अमेरिका में अडानी पर केस हुआ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद उसे खत्म कर दिया गया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि ट्रंप ने फोन कर प्रधानमंत्री मोदी से युद्ध रोकने को कहा और प्रधानमंत्री ने उनके दबाव में सैन्य कार्रवाई रोक दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह सैन्य बलों के साथ धोखा नहीं है तो फिर क्या है? उन्होंने कहा कि देश के सारे बंदरगाहों व हवाईअड्डों का संचालन और रक्षा उद्योग से जुड़े ठेके एक ही औद्योगिक समूह को सौंप देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है।राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन और स्थानीय रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, राज्य में छोटे व मध्यम उद्योग भी विकसित होने चाहिए, लेकिन देश का पूरा आर्थिक ढांचा सिर्फ दो उद्योगपतियों अडानी और अंबानी के फायदे के लिए चलाया जा रहा है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

