
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला:आमजन को पुलिस सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में पंचकूला पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशों पर अब चरित्र प्रमाण पत्र, पासपोर्ट सत्यापन, किरायेदार सत्यापन सहित अन्य सभी प्रकार के पुलिस सत्यापन कार्यों के लिए नागरिकों को थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत पुलिस स्वयं आवेदक के घर पहुंचकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेगी, जिससे लोगों का समय बचेगा और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन द्वारा जारी इस नई व्यवस्था के अनुसार नागरिकों द्वारा हर समय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद संबंधित आवेदन ऑनलाइन माध्यम से संबंधित थाना क्षेत्र में भेजा जाएगा। इसके उपरांत थाना प्रभारी द्वारा एक पुलिसकर्मी को आवेदक के पते पर भेजा जाएगा, जो मौके पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों और तथ्यों का सत्यापन करेगा। सत्यापन से पूर्व आवेदक से फोन के माध्यम से संपर्क कर उसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रक्रिया बिना किसी देरी और असुविधा के पूर्ण हो सके।
पुलिस कमिश्नर ने इस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक अतिरिक्त निगरानी तंत्र भी लागू किया है। सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आवेदक से फोन पर फीडबैक लिया जाएगा। इस दौरान यह जानकारी प्राप्त की जाएगी कि सत्यापन करने पहुंचे पुलिसकर्मी का व्यवहार कैसा रहा, क्या किसी प्रकार की रिश्वत या अनुचित लाभ की मांग की गई, तथा क्या आवेदक पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट है। प्राप्त फीडबैक की नियमित समीक्षा स्वयं पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा की जाएगी और प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट मांगी जाएगी।
इसके अतिरिक्त नागरिकों की शिकायतों एवं सुझावों के लिए पुलिस उपायुक्त कार्यालय द्वारा मोबाइल नंबर 9115777026 जारी किया गया है। यदि किसी व्यक्ति को सत्यापन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी, देरी, अनुचित व्यवहार या भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हो तो वह इस नंबर पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन: पंचकूला पुलिस का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। सत्यापन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से थानों के चक्कर न लगाने पड़ें। हम चाहते हैं कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक और भ्रष्टाचार मुक्त सेवा मिले। सत्यापन के बाद नागरिकों से सीधे फीडबैक लिया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या रिश्वतखोरी की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

