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अपराध पंचकूला

फर्जी ईडी-सीबीआई अफसर बनकर 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 14 लाख के साइबर फ्रॉड में पुलिस ने मुंबई से दो आरोपित दबोचे।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
पंचकूला: पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने एक बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जिनके खाते में फ्रॉड की रकम मिली है। मामले में आरोपियों ने खुद को ईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट व पुलिस अधिकारी बताकर पंचकूला की 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डराकर करीब 14 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। मामले में पुलिस अब मुख्य आरोपियों, बैंक खातों और रकम की बरामदगी को लेकर अन्य स्थानों पर रेड कर रही है। साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार पंचकूला निवासी 79 वर्षीय महिला ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि दिनांक 29 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग केस में इस्तेमाल हुआ है। आरोपियों ने महिला को बताया कि ईडी द्वारा पकड़े गए एक आरोपी के पास उनके नाम का एटीएम कार्ड मिला है तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर खुद को ईडी, सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट और आधार विभाग का अधिकारी बताकर महिला और उसके पति को मानसिक रूप से डराया और गिरफ्तारी का भय दिखाया।

आरोपियों ने व्हाट्सएप पर फर्जी एफआईआर, गिरफ्तारी नोटिस, ईडी व सीबीआई के नाम से नकली दस्तावेज भेजे और कहा कि यदि उन्होंने किसी को इस बारे में बताया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा तथा विदेश में रहने वाले उनके बेटे को भी नुकसान पहुंच सकता है। आरोपियों ने महिला को कहा कि यदि वह जांच में सहयोग करते हुए रकम ट्रांसफर कर दें तो उनका नाम केस से निकाल दिया जाएगा और 72 घंटे बाद राशि वापस कर दी जाएगी। डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में 9 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामलें की जांच सब इंस्पेक्टर जगमीत सिंह द्वारा की जा रही है।जांच के दौरान सामने आया कि महिला द्वारा करीब 14 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। बैंक रिकॉर्ड के आधार पर उक्त खाता मुंबई निवासी शिवम सत्यप्रकाश तिवारी के नाम पर पाया गया। जिसके खातें में फ्रॉड की साढ़े 9 लाख रकम पाई गई। पंचकूला साइबर पुलिस टीम मुंबई पहुंची और आरोपी शिवम सत्यप्रकाश तिवारी को काबू किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी अमित सिंह का नाम उजागर किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी काबू कर लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई अदालत में पेश किया गया, जहां से राहदारी रिमांड हासिल कर पंचकूला लाया गया। पंचकूला पुलिस ने दोनों को 26 मई को कोर्ट में पेश कर 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बैंक खाते खरीदने-बेचने वाले नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न क्षेत्रों में जांच और दबिश जारी है। हमारी टीम फ्रॉड की रकम की बरामदगी, बैंक खातों की पहचान तथा मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

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