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दिल्ली राष्ट्रीय हाइलाइट्स

सिर्फ नक्सल-मुक्त होना काफी नहीं, 2031 तक पूरी तरह विकसित बस्तर बनाना लक्ष्य- अमित शाह


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में हमारी पार्टी की सरकार  विष्णु देव साय  के नेतृत्व में बनी उस वक्त केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 में यहां हमारी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर से कवायद शुरू की। शाह ने कहा कि 24 अगस्त, 2024 को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 को देश को हम नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण 31 मार्च, 2026 की जो तिथि तय हुई थी, उससे पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है। अमित शाह ने कहा कि 19 मई 2026 की तिथि का भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि जब से नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद फैलना शुरू हुआ, इसके पक्षधर बुद्धिजीवी लोग यह कहते थे कि नक्सलवाद इसलिए अस्तित्व में आया है कि कुछ क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता नहीं थी क्योंकि देश के कई हिस्से ऐसे थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से भी ज्यादा पिछड़े हुए थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं फैला और वो सभी क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की ओर बढ़ गए। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा बस्तर और कई नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र विकसित नहीं हो सके।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को उसी पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल ही ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया गया है। बस्तर के सात जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि आज जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तब हमने तय किया है कि प्रथम चरण में इन 200 कैंपों में से 70 कैंप (लगभग एक-तिहाई) को हम ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ में बदल देंगे। सरकार को गांव और सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक ले जाना ही वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा का काम है। इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधा होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, सारी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी जनता को मिलेगा। एक ही सेवा डेरे में विकास के सारे काम उपलब्ध हो जाएंगे और इसका उद्देश्य है कि 50 साल से विकास के महरूम रह गए नागरिकों को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले।  शाह ने कहा कि इस सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) भी बनेगा, डेयरी भी बनेगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी। श्री शाह ने कहा कि इसी सेवा डेरा के माध्यम से हम बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे। आने वाले 6 माह में हम बस्तर संभाग में डेयरी का एक बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैंअमित शाह ने कहा कि पहले यहां बंदूक के संगीन के साए थे, वहां अब विकास पहुंच जाएगा। अब तक नक्सलवादियों के कारण ये पूरा क्षेत्र विकास से महरूम रह गया था। न उन्हें राशन कार्ड मिला, न मुफ्त अनाज की योजना का फायदा मिला, न 5 लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा मिला, न उनकी उपज को ₹3100 क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था की गई। रोजगार का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं था, न गांव में बिजली पहुंची, न पानी पहुंचा और न स्कूल बने। उन्होंने कहा कि ये सारी व्यवस्था सेवा डेरा के माध्यम से हम पूरे बस्तर में करने जा रहे हैं और शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा नक्सल प्रभावित बस्तर को नक्सल मुक्त विकसित बस्तर बनाने का एक बहुत बड़ा जरिया बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां की वन उपज को कोऑपरेटिव तरीके से प्रोसेस कर इसका पूरा मुनाफा भी हम आदिवासियों तक पहुंचाएंगे।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में बस्तर के विकास के लिए कई काम किए हैं। हमने 20557 करोड़ रुपए की लागत से 12211 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा कर दिया है, कुल 13000 मोबाइल टावर की प्लानिंग की है, जिनमें से 5000 मोबाइल टावर देशभर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लग भी चुके हैं। 1804 बैंक शाखाएं खुली हैं, 1321 एटीएम खुल चुके हैं और 890 पोस्ट ऑफिस खोलने का काम भी समाप्त हो चुका है। 259 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले हैं, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खुल चुके हैं और 90000 से ज्यादा युवाओं और महिलाओं की स्किलिंग का काम हो चुका है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त हुए बस्तर सहित पूरे देश के आदिवासी क्षेत्रों के विकास की एक कार्ययोजना भारत सरकार ने बनाई है। इस योजना के तहत विकास की योजनाओं का संपूर्ण सैचुरेशन और सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था, युवा और महिलाओं के भविष्योन्मुखी सशक्तिकरण का वैज्ञानिक कार्यक्रम और जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाते हुए और आगे बढ़ाते हुए यहां की संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा।अमित शाह ने कहा कि हमने यहां बस्तर पंडुम की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने प्रेरणा दी थी कि आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए भी पुरुषार्थ किया जाए और योजना बनाई जाए। बस्तर पंडुम के अंतर्गत आदिवासी नृत्य, गीत, भाषा, वेशभूषा, व्यंजन आदि को एक बड़ा मंच दिया गया है। एक साल पहले 45000 लोगों ने बस्तर पंडुम में हिस्सा लेकर इन सभी गतिविधियों को आगे बढ़ाया है। इसी प्रकार दो बस्तर ओलंपिक आयोजित किए जा चुके हैं। पिछले बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 94 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसमें से एक दल पुनर्वास स्वीकार करने वाले हमारे पूर्व नक्सल भाइयों बहनों का भी था और सबसे अच्छा परफॉर्मेंस भी उन्होंने ही किया था। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पूरे नक्सल मुक्त क्षेत्र के लिए संदेश देना चाहते हैं कि हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकती। लोकतांत्रिक मूल्य, परस्पर सहयोग और विकास की अवधारणा ही व्यक्ति के विकास का आधार बन सकते हैं। हिंसा से किसी का विकास नहीं हो सकता, न व्यक्ति का, न गांव का और न क्षेत्र का। नक्सलवाद गरीबी के कारण फैला था, उस भ्रांति को दूर करने का काम शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा करेगा।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब ये क्षेत्र पूरा विकसित हो जाएगा, तब यहां से दुनियाभर में संदेश जाएगा कि यहां स्कूल इसलिए नहीं बने क्योंकि नक्सलियों ने स्कूल तोड़े थे, सड़कें इसलिए नहीं बनी क्योंकि नक्सलियों ने विघ्न डाला था, अस्पताल इसलिए नहीं चले क्योंकि नक्सलियों ने अस्पताल के कर्मियों को मार डाला था और और यहां बैंक इसलिए नहीं आए क्योंकि नक्सलियों ने बैंकों को लूटकर बंद कराने का काम किया था। श्री शाह ने कहा कि बस्तर का शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा का प्रयोग देशभर में हथियार लेकर विकास का रास्ता तलाश रहे लोगों के सामने विकास का लोकतांत्रिक मॉडल प्रस्तुत करेगा।

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