
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: ‘मैं गलत चक्कर में पड़ गया था। जिसकी वजह से मैंने ऑनलाइन गेमिंग शुरू कर दी। इसमें मैं काफी रुपए हार गया। इन रुपयों को बराबर करने के चक्कर में बार-बार गेम खेलता रहा। लेकिन हर बार मैं और अधिक रुपए हारता चला गया। पूरी तरह से जीवन से हताश हो चुका हूं। अब मैं अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं।’इस तरह का नोट एक रजिस्टर में लिखकर केएलजे सोसायटी में रहने वाले बीएससी थर्ड ईयर के छात्र आदित्य भाटी ने अपने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

आदित्य जे.सी बोस यूनिवर्सिटी का छात्र था। उसके घर में अपने ताऊ की लाइसेंसी पिस्टल रखी हुई थी। ताऊ सतीश सेना से सेवानिवृत थे। वह आदित्य के पास ही रहते थे।शाहजहां पुर गांव के रहने वाली सविता अपने दोनों बेटों के साथ ग्रेटर फरीदाबाद की केएलजे वेलफेयर सोसायटी में रहती थी। बड़ा बेटा आदित्य भाटी जे.सी बोस यूनिवर्सिटी में बीएससी तीसरे वर्ष का छात्र था। पति कल्याण का कुछ समय पहले देहांत हो चुका था।मृतक के ताऊ आर्मी से सेवानिवृत थे। वह भी सेवानिवृत होने के बाद आदित्य के पास ही रहते थे। ताकि उनकी सही से देखभाल हो सके। बीच-बीच में गांव भी जाते थे। परिजन के अनुसार आदित्य पढ़ाई में भी अच्छा था।
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