Athrav – Online News Portal
फरीदाबाद

फरीदाबाद में जलभराव और सीवरेज प्रबंधन को लेकर डीसी आयुष सिन्हा ने किया ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद:फरीदाबाद जिले में आगामी मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान और सीवरेज नेटवर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने आज फरीदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों एनएचएआई और सर्विस रोड के साथ लगने वाले क्रिटिकल पॉइंट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए), नगर निगम, पंचायती राज विभाग तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी मौजूद रहे।  डीसी आयुष सिन्हा ने निरीक्षण की शुरुआत सराय मेट्रो स्टेशन से की, जिसके बाद उन्होंने सेक्टर-16 नेशनल हाईवे, गुड ईयर चौक, बल्लभगढ़ सेक्टर-04 सर्विस रोड और इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-59 का जायजा लिया। इसके उपरांत डीसी हाइवे रोड सीकरी, सीकरी ड्रेन और सीकरी गांव के जोहड़ पर पहुंचे। निरीक्षण के अंतिम चरण में बाटा चौक, राम नगर, सरपंच कॉलोनी तथा एनएच-19 संत नगर स्थित नालों एवं ड्रेनों की स्थिति को बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीसी आयुष सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जल निकासी के लिए पिछली बार की तुलना में इस बार अतिरिक्त क्षमता वाले पंपों को लगाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में स्थापित पंपों के अलावा 15,000 LPM (लीटर प्रति मिनट) क्षमता के नए पंप के साथ अतिरिक्त मशीनरी लगाई जाएगी। डीसी आयुष सिन्हा ने निर्देश दिए कि संवेदनशील इलाकों जहां आसानी से समस्या को हल किया जा सकता है और विभाग की वजह से देरी होती है तो संबंधित विभाग पर कार्यवाही की जाएगी।  उन्होंने कहा, “लोवेस्ट हेड कैलकुलेशन के आधार पर पंपिंग क्षमता को बढ़ाना होगा। वर्तमान की क्षमता का आंकलन करते हुए इसमें और अधिक क्षमता वाले पंपों से जोड़कर क्षमता बढ़ाना सुनिश्चित करें, ताकि भारी बारिश के दौरान भी शहर में पानी जमा न हो।निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ स्थानों पर ग्रैविटी के माध्यम से पानी की निकासी संभव नहीं है। डीसी आयुष सिन्हा ने तकनीकी टीम को निर्देश दिए कि केवल एक पंप के भरोसे रहने के बजाय, जहां जगह उपलब्ध है, वहां अलग-अलग निकासी प्वाइंट बनाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को ‘ग्रीन बेल्ट’ और ड्रेन के आसपास उपलब्ध जमीन का उपयोग करने को कहा।डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्य करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि पंप से पानी की वेलोसिटी बढ़ाई जा सकती है, तो पंपिंग स्टेशनों को प्राथमिकता दें ताकि पानी का निकास जल्द हो सके।डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जीपीआर तकनीक का तुरंत उपयोग करें। उन्होंने कहा कि 6-7 मीटर नीचे दबी लाइनों को लोकेट करना अब मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि मैनुअल तरीके से पाइप या मैनहोल नहीं मिल रहे हैं, तो जीपीआर तकनीक से उनकी लोकेशन का पता लगाकर तत्काल सफाई और प्लगिंग का काम पूरा करें।निरीक्षण के दौरान एनएचएआई द्वारा डाली गई स्टॉर्म वॉटर और सीवर लाइनों पर भी चर्चा हुई। डीसी आयुष सिन्ह ने संज्ञान लिया कि एनएचएआई ने पहले से ही कुछ स्थानों पर लाइनें डाली हुई हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इंटरनल गलियों की सीवर लाइनों को मुख्य ट्रंक लाइन से इस तरह जोड़ा जाए कि बारिश का पानी और सीवेज आपस में मिक्स न हो और ड्रेनेज सिस्टम पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि खुले मैनहोल और ड्रेनेज पॉइंट्स पर जालियां लगाए।  साथ ही, उन्होंने आरओबी के पास और डिस्पोजल पॉइंट्स पर नए टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा कर कार्य शुरू करने के आदेश दिए। डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि शहर को जलभराव से मुक्त रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि मानसून से पहले सभी संप, पंपिंग स्टेशन और सीवर लाइनों की सफाई का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो सके।निरीक्षण के दौरान एचएसवीपी एसई संदीप दहिया सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

Related posts

फरीदाबाद :सीएम मनोहर लाल ने विधायक नयन पाल रावत की बहन के निधन पर शोक प्रकट कर परिवार को दी सांत्वना

Ajit Sinha

सरस्वती पूजा कर मानव रचना ने मनाई बसंत पंचमी, छात्र-छात्राओं व फैकल्टी सदस्यों ने सभी की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की

Ajit Sinha

मुक्त आनलाइन पाठ्यक्रमों एवं डिजिटल लर्निंग पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x