
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को कहा कि केरलम में पिछले दस वर्षों के दौरान एलडीएफ सरकार के शासन में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है, भ्रष्टाचार बढ़ा है और प्रदेश की हर व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, साथ ही उन्होंने एलडीएफ पर भाजपा के साथ गुप्त समझौते का आरोप भी लगाया। केरलम के पेरावूर में आयोजित जनसभा में वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार पर सीधा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि केरलम जैसे शिक्षित और संसाधनों से भरपूर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन एलडीएफ सरकार की नीतियों के कारण ये अवसर सीमित हो गए हैं। एलडीएफ सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है और आम जनता के बजाय पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर बताते हुए कहा कि प्रदेश कर्ज के बोझ तले दबा है और बेरोजगारी रिकार्ड स्तर पर है। उन्होंने कहा कि दस साल के लालच और भ्रष्टाचार ने प्रदेश में शीर्ष डॉक्टरों और नर्सों के होने के बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर कर दिया है।

प्रियंका गांधी ने किसानों की परेशानियों को उठाते हुए कहा कि डेयरी किसान सब्सिडी के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। पशु-मानव संघर्ष से फसलें बर्बाद हो रही हैं। होमस्टे मालिकों को पर्यटन बढ़ाने के लिए सरकारी समर्थन नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के महीनों लंबे विरोध प्रदर्शन पर भी प्रदेश सरकार ने ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की तरह ही केरलम की सरकार भी डर के दम पर चल रही है। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ बोलने या सवाल पूछने की कोशिश करता है, उसे दबा दिया जाता है।

प्रियंका गांधी ने चुनाव में एलडीएफ और भाजपा के बीच गुप्त समझौते पर हमला करते हुए कहा कि सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी होने के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कई केस दर्ज किए जाते हैं,लेकिन केरलम के मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। कांग्रेस महासचिव ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एफसीआरए संशोधन बिल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों, ननों और चैरिटी संस्थाओं पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में ननों के साथ हुए दुर्व्यवहार का उल्लेख किया। ‘मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी’ के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ननों ने उन्हें बताया था कि कैसे छापेमारी करके उन्हें परेशान किया गया और कैसे सरकार उनके काम में रुकावट डालने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि एलडीएफ ने सत्ता में बने रहने के लिए ननों को परेशान करने वालों, यानी भाजपा से समझौता करने के साथ-साथ अपनी विचारधारा से भी समझौता कर लिया है।मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केरलम के लोग वहां फंसे हुए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका और इजरायल के सामने झुकने में व्यस्त है, वहीं मुख्यमंत्री विजयन मोदी के आगे इतने झुके हुए हैं कि उन्होंने लोगों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा कि गैस की कीमतें बढ़ रही हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका को सौंप दी है। अब अमेरिकन तय करता है कि भारत अपना तेल कहां से खरीदेगा। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते से भारतीय किसान तबाह हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक भारतीय होने के नाते उन्हें इस बात का दुख है कि आज देश का नेतृत्व ऐसे ‘कॉम्प्रोमाइज़्ड’ नेताओं के हाथों में है, जो कायर हैं। इस दौरान उन्होंने जनता से यूडीएफ उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने का आह्वान करते हुए कई चुनावी वादे भी गिनाए।
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