

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में सुनील चौहान , अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गुरुग्राम की अदालत ने आरोपित नवीन कुमार यादव, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, निर्माण मंडल संख्या-31, नहर कॉलोनी सेक्टर-16, गुरुग्राम तथा आरोपितों चन्द्र शेखर, कम्प्यूटर ऑपरेटर (हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत), गुरुग्राम को दोषी करार देते हुए धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 4-4 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000-5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

5,000 रुपये रिश्वत मांगने का था आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता ने एच.ई.डब्ल्यू.पी. के ठेकेदारी लाइसेंस के पंजीकरण हेतु आवेदन किया था। इस कार्य के एवज में आरोपित नवीन कुमार यादव द्वारा शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई। आरोपित चंद्रशेखर को उक्त राशि लेते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

2022 में दर्ज हुआ था मामला

इस संबंध में मुकदमा संख्या 48 दिनांक 16.12.2022 को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा धारा 120-बी भारतीय दंड संहिता के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई। यह फैसला भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश देने के साथ-साथ पारदर्शिता एवं जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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