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चंडीगढ़ फरीदाबाद हरियाणा हाइलाइट्स

सीएम व वित्तमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया वर्ष -2026-27 का 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ रुपये का बजट पेश,


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज बतौर वित्त मंत्री विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र, संतुलित एवं तीव्र विकास की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वार्षिक आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–2047’ विजन को साकार करने की दिशा में हरियाणा के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत खाका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से वर्ष 2047 तक हरियाणा को आर्थिक, सामाजिक तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर और योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य का कुल व्यय 2025-26 (संशोधित अनुमान) में 2,02,816 .66 करोड़ रुपये था, जिसे 2026-27 में बढ़ाकर 2,23,658.17 करोड़ रुपये किया गया है।

यह लगभग 10.3 प्रतिशत की वृद्धि है, जो यह दर्शाती है कि सरकार विकास और वित्तीय अनुशासन—दोनों के बीच संतुलन बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि इस बार कृषि एवं संबद्ध सेवाओं का बजट 7,651.13 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8,319.77 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 8.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, ताकि किसानों की आय बढ़े और खेती को लाभकारी बनाया जा सके। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का बजट 562.19 करोड़ से बढ़ाकर 741 .55 करोड़ रुपये किया गया है, जो लगभग 32 प्रतिशत अधिक है।

सहकारिता विभाग में 1,156.37 करोड़ से बढ़ाकर 1,970 करोड़ रुपये का प्रावधान कर 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एवं खेल के लिए बजट 21,368.10 करोड़ से बढ़ाकर 23,603.69 करोड़ रुपये किया गया है, जो 10.46 प्रतिशत की वृद्धि है। युवा सशक्तिकरण ,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का बजट 1,101.44 करोड़ से बढ़ाकर 1,512.21 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 37.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा एवं परिवार कल्याण के बजट को 11,507.11 करोड़ से बढ़ाकर 14,007.28 करोड़ रुपये किया गया है, जो 21.73 प्रतिशत अधिक है। गृह, नागरिक सुरक्षा एवं कारागार विभाग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनका बजट 7,904.99 करोड़ से बढ़ाकर 8,475.01 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 7.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

ऊर्जा विभाग के बजट को 8,671.37 करोड़ से समायोजित कर 6,868 करोड़ रुपये किया गया है। सामाजिक न्याय, पिछड़ा वर्ग एवं अंत्योदय (SEWA) विभाग का बजट 14,905.24 करोड़ से बढ़ाकर 17,250.72 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 15.74 प्रतिशत की वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में भी 14.91 प्रतिशत की बढ़ौतरी की है। इस बार का बजट 1,969.65 करोड़ से बढ़ाकर 2,263.29 करोड़ रुपये किया गया है। इसी तरह से ग्रामीण विकास एवं पंचायतों का बजट 7,083.17 करोड़ से बढ़ाकर 8,703.74 करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें 22.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

परिवहन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के लिए बजट 3,654.54 करोड़ से बढ़ाकर 4,116.13 करोड़ रुपये किया गया है, जो 12.63 प्रतिशत अधिक है।  बजट में शहरों के समुचित विकास पर भी विशेष फोकस किया गया है, इसके तहत नगर एवं ग्राम नियोजन तथा शहरी निकायों के बजट में 5,444.31 करोड़ से बढ़ाकर 6,797.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 24.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।  प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहन के लिए भी खास ध्यान रखा गया है। इस बार बजट में उद्योग, वाणिज्य एवं MSME क्षेत्र का बजट 1,327.76 करोड़ से बढ़ाकर 1,950.92 करोड़ रुपये किया गया है।

जो लगभग 47 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में ज्यादा ज्यादा उद्योग लगे, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके और प्रदेश आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध बने। किसानों के लिए भी बजट में खासा फोक्स किया गया है। मुख्यमंत्री ने विशेषतौर पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का बजट 5,614.06 करोड़ से बढ़ाकर 6,446.57 करोड़ रुपये किया गया है, यानी 14.83 प्रतिशत अधिक है। आमजन को पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए भी इस बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का बजट 5,469.22 करोड़ से बढ़ाकर 5,912.02  करोड़ रुपये किया गया है। यह 8.10 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं, लोक निर्माण (सड़कें एवं पुल) विभाग के बजट में 6,096.35 करोड़ से 5,893.66 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राजस्व, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन सेवाएं एवं भूमि अभिलेख विभाग का बजट 2,180.87 करोड़ से बढ़ाकर 4,024.28 करोड़ रुपये किया गया है, जो 84.53 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्शाता है। ब्याज भुगतान के लिए बजट 26,497.25 करोड़ से बढ़ाकर 29,266.62 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि पेंशन मद में 16,495 करोड़ से बढ़ाकर 17,430 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सार्वजनिक ऋण की वापसी के लिए बजट 35, 893 .33 करोड़ से बढ़ाकर 36,101.68 करोड़ रुपये किया गया है। अन्य विभागों के बजट में 10,263.21 करोड़ से बढ़ाकर 12,003.46 करोड़ रुपये का प्रावधान कर लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने। हरियाणा सरकार उसी विज़न के साथ काम कर रही है। 2026-27 का बजट किसान, युवा, महिला, गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग सभी के सशक्त भविष्य की नींव है। हमारा लक्ष्य है कि हरियाणा 2047 तक विकसित भारत का अग्रणी राज्य बने। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट हरियाणा की तरक्की को तेज़ रफ्तार देगा, रोजगार, निवेश और सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में हरियाणा की भूमिका को निर्णायक बनाएगा।

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