
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
नोएडा की बहुचर्चित सुपरनोवा परियोजना के खरीदारों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिससे सालों से अटके हुए सैकड़ों बायर्स को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुपरनोवा के 497 फ्लैट बायर्स को मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही इन फ्लैट्स की रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी।

कोर्ट ने सुपरनोवा के IRP (इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल) को भंग कर परियोजना के प्रबंधन के लिए एक नई समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के पूर्व जस्टिस करेंगे। गठित की गई नई समिति अब परियोजना को पूरा करने के लिए एक नए डेवलपर का चयन करेगी। नई समिति न केवल निर्माण कार्य पूरा करवाएगी, बल्कि रुकी हुई रजिस्ट्री की प्रक्रिया को भी गति देगी। नोवा ईस्ट और वेस्ट टावर्स में कुल 583 फ्लैट्स हैं, जिनमें से अब तक केवल 85 की रजिस्ट्री हो पाई थी।

प्रोजेक्ट पर नोएडा अथॉरिटी का लगभग 3300 करोड़ रुपए बकाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद सबसे पहले बैंक का बकाया चुकाया जाएगा और उसके बाद नोएडा अथॉरिटी का भुगतान होगा। इस फैसले को खरीदारों ने एक ‘लैंडमार्क जजमेंट’ बताया है, क्योंकि इससे उनके घर का सपना हकीकत में बदलता दिख रहा है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

