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भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने पर 8 वीं प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने पत्रकारों को क्या कहा-उन्हें लाइव सुने वीडियो


अजीत सिन्हा / नई दिल्ली
वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जैसा कि आप जानते हैं भारत जोड़ो यात्रा ने आज 100 दिन पूरे किए हैं और आज राहुल जी की 8वीं प्रेस वार्ता है पिछले 100 दिनों में। राहुल गांधी ने कहा कि आपका सबका यहाँ बहुत-बहुत स्वागत। अब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के 100 दिन हो गए हैं। कन्याकुमारी से, अब हम राजस्थान से निकल रहे हैं, बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा है। जब शुरू किया, तो प्रेस के हमारे मित्रों ने कहा था कि देखो, ये साउथ में सक्सेस रहेगी, मगर जब साउथ से निकलेंगे तो सक्सेस नहीं होगी। फिर महाराष्ट्र में कहा कि हाँ, महाराष्ट्र में तो सक्सेस हो गई, मगर हिंदी बेल्ट में सक्सेस नहीं होगी और फिर हिंदी बेल्ट में जब हम आए, कहा – अच्छा मध्यप्रदेश में सक्सेस हो गई, परंतु अब राजस्थान में फैक्शनलिज्म है,

वहाँ पर सक्सेस नहीं होगी और आपने बहुत क्लियरली देखा कि राजस्थान में बहुत लोग आए, लाखों लोग आए, हमारे संगठन ने बहुत अच्छा इफेक्टिव काम किया और शायद सबसे अच्छा रिसेप्शन इस यात्रा का राजस्थान रहा है। यात्रा के लक्ष्य तीन हैं – सबसे जरूरी कि हम हिंदुस्तान को जोड़ना चाहते हैं, जो नफरत, हिंसा और डर की राजनीति बीजेपी कर रही है, आरएसएस कर रही है, उसके खिलाफ हम खड़ा होना चाहते हैं। ये मैसेज बहुत अच्छी तरह देश में गया है। बहुत अच्छा रिसेप्शन हुआ है, इस मैसेज का। ये लोग सुनना चाहते हैं, ये राजनीति करने का एक दूसरा तरीका है, कांग्रेस का तरीका है, गांधी जी का तरीका है।

दूसरे दो मैसेज हैं – एक जो बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, उसके खिलाफ और दूसरा – जो महंगाई और जो इन्कम इन इक्वैलिटी हो रही है, जो चुने हुए लोगों को बहुत सारा फायदा मिल रहा है और हमारे जो किसान हैं, मजदूर हैं, छोटे दुकानदार हैं, युवा हैं, उनका नुकसान हो रहा है। तो ये हमारे तीन मुद्दे थे। एक प्रश्न पर कि भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में जब से आई है, कांग्रेस सड़कों पर दिख रही है, कोई बयानबाजी भी नहीं हो रही है, लेकिन जब आप राजस्थान यहाँ से छोड़कर जाएंगे, तो क्या स्थितियां यही रहेंगी? गांधी ने कहा कि मेरी राय है कि जो मैंने देखा है और ये सिर्फ राजस्थान की बात नहीं है, ये बाकी स्टेट की भी बात है कि मेन इशू कांग्रेस पार्टी का कि हमारा जो आम कार्यकर्ता है, जो सड़क पर लड़ता है, जो लोअर लेवल का नेता है, उसको हमें पार्टिसिपेट करवाना है, उसको हमें जगह देनी है और उसकी बात हमें सुननी है। ये मेन इशू है। जो ये बयानबाजी की बात होती है, ये तो आप जानते हैं, प्रेस वाले, आप थोड़ा मजा, मतलब अपने अखबारों में लिखना चाहते हैं,आप करते रहते हैं, ये आपकी आदत है, अच्छी आदत है। इससे आपके अखबार बिकते हैं। मगर हमारा जो स्ट्रक्चर है, उसमें बड़ी क्लैरिटी है, उसमें कोई कन्फ्यूजन नहीं है और दूसरी बात देखिए, हमारी पार्टी डिक्टेटरशिप की पार्टी नहीं है, जो फासिस्ट पार्टी नहीं है। हमारी पार्टी में थोड़े से डिस्कशन हमें ठीक लगते हैं, कोई प्रॉब्लम नहीं है हमारे लिए। अगर अलग-अलग विचार हैं, तो कोई प्रॉब्लम नहीं है और ये सिर्फ राजस्थान की बात नहीं है, हमारा हर स्टेट में ऐसा ही है, सेंट्रल में भी हमारा ऐसा ही चलता है। तो हम इस चीज को टॉलरेट करते हैं। ज्यादा नुकसान नहीं होना चाहिए। तो अगर ज्यादा नु्कसान होता है, तो हम एक्शन भी लेते हैं। मगर जनरली ये कांग्रेस पार्टी की विचारधारा है, हमारी पार्टी के लोग अगर कुछ बोलना चाहें, तो हम उनको डरा कर चुप नहीं करते हैं और प्रेस वाले बोलना चाहें, तो वो तो हम बिल्कुल नहीं डराते, ये तो आप जानते हैं।

एक अन्य प्रश्न पर कि आप कन्याकुमारी से चले और राजस्थान तक आए, राजस्थान एक ऐसा राज्य है, जहाँ कांग्रेस पार्टी की सरकार है, तो इस स्टेट में आपको क्या अंतर देखने को मिला है? श्री गांधी ने कहा कि सबसे पहले मुझे ज़मीन से एक बात समझ आई और ये तमिलनाडु से लेकर राजस्थान तक कि कांग्रेस पार्टी का जो कार्यकर्ता है, कांग्रेस पार्टी का जो सपोर्टर है, उसमें कोई कमी नहीं है। लाखों-करोड़ों लोग हैं और सिर्फ हमारी पार्टी के लोग नहीं, मतलब आम नागरिक भी, बहुत, मतलब कांग्रेस पार्टी से बहुत प्यार करते हैं। तो ये तो देखने को मिला हर स्टेट में। जो आपने कहा कि जब हमने यात्रा शुरू की, मैंने भी सोचा था कि एक्चुअली जो केरल में हमारा संगठन है, वो शायद बहुत मजबूत है। मगर उसके बाद मैंने सोचा कि केरल बैस्ट होगा, केरल के बाद कर्नाटक उससे बेहतर चला गया और इम्प्रूव करता गया, इम्प्रूव करता गया, मतलब मध्यप्रदेश में जो हमें रिस्पॉन्स मिला, महाराष्ट्र में जो रिस्पॉन्स मिला। आप लोग दिखा नहीं रहे हैं, वो तो मतलब आपको करना पड़ रहा है, आप दिखा नहीं पा रहे हैं, वो अलग बात है। परंतु भयंकर रिस्पॉन्स है, इमोशनल रिस्पॉन्स है, प्यार भरा रिस्पॉन्स है सब जगह। यहाँ पर दो – तीन योजनाओं के बारे में लोग मुझे कहते हैं और आम नागरिक कह रहे हैं। एक- ये जो चिरंजीवी योजना है, इसके बारे में काफी लोग कह रहे हैं कि ये बहुत अच्छी योजना है। दूसरा जो यहाँ पर शहरी मनरेगा शुरू किया है, शहरी रोजगार गारंटी स्कीम, उसके बारे में भी लोग काफी कह रहे हैं। छोटी-छोटी प्रॉब्लम्स हैं, तो चलते हुए लोग थोड़ी शिकायत करते हैं कि यहाँ पर बिजली नहीं आ रही है, आज लोगों ने मुझे कहा कि उनके गांवों में फ्लोराइड का पानी है, तो ऐसी शिकायतें आती हैं, वो तो सब जगह आती हैं। तो ओवरऑल काफी अच्छा रिस्पॉन्स रहा है। कोई शिकायत नहीं है।एक अन्य प्रश्न पर कि राजस्थान के 4 साल सरकार के पूरे हो रहे हैं, अभी जो हाल में घटनाक्रम हुआ, उसके बाद आपको क्या लगता है कि अगले साल सरकार रिपीट के लिए क्या किया जाएगा? गांधी ने कहा कि देखिए, चुनाव का प्रिडिक्शन आप लोग करते हैं, आप लोग जानते हैं। मगर मैं आपसे ये कह सकता हूं कि यहाँ पर ओवरवैल्मिंग रिस्पॉन्स रहा है और हमारे जो कार्यकर्ता हैं, उनमें अनबिलीवेबल स्ट्रैंथ है। जो मैंने पहले कहा अगर हमने, जो हमारे कार्यकर्ता हैं,जो हमारे लोअर लेवल के लीडर हैं, उनका अच्छी तरह प्रयोग किया, तो हम चुनाव बहुत आसानी से जीत जाएंगे। जो लोग हमारे लिए काम करते हैं, जो लोग हमारे लिए लड़ते हैं, अगर उनको हमने सही जगह दे दी, तो यहाँ पर भयंकर जीत होगी, स्वीप होगा। तो वही मेन इशू है।एक अन्य प्रश्न पर कि राहुल जी आप कह रहे हैं कि रिस्पॉन्स अच्छा मिल रहा है, लेकिन पार्टी के अंदर बहुत सारे अनिर्णय की स्थिति होती है। ये अनिर्णय की स्थिति कब तक रहेगी? गांधी ने कहा कि कोई अनिर्णय की स्थिति नहीं है। बड़ा क्लीयर है। ये मतलब, थोड़ा-थोड़ा होता रहता है पार्टी में। हमारी पार्टी में कोई बड़ी समस्या नहीं है, कोई कन्फ्यूजन नहीं है। अगर आप कॉन्ट्रोवर्सी चाहते हैं, मुझसे पूछिए, मैं कॉन्ट्रोवर्सी करवा सकता हूं आपके लिए, बिकेंगे आपके अखबार। एक अन्य प्रश्न पर कि राजस्थान में अगला चुनाव किसके चेहरे पर लड़ा जाएगा? गांधी ने कहा कि भईया, मैं कांग्रेस पार्टी का प्रेसीडेंट नहीं हूं, कांग्रेस पार्टी के प्रेसीडेंट खरगे जी हैं, आप ये सवाल उनसे पूछिए। आपने सवाल पूछा, मैंने सवाल का जवाब दे दिया। फिर से दोहरा देता हूं, खरगे जी से पूछिए।

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