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अपराध गुडगाँव

फर्जी NOC और बैंक स्टेटमेंट दिखाकर ₹1.10 करोड़ में फ्लैट बेचने के मामले में पति-पत्नी गिरफ्तार।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम पुलिस ने फ्लैट की बिक्री के नाम पर कथित धोखाधड़ी के मामले में कार्यवाही करते हुए आरोपित पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने फ्लैट पर बैंक लोन बकाया होने के बावजूद उसे चुकता होने का विश्वास दिलाया और कथित फर्जी बैंक स्टेटमेंट/एनओसी व फोरक्लोजर संबंधी स्क्रीनशॉट दिखाकर शिकायतकर्ता से फ्लैट की पूरी बिक्री राशि ₹1.10 करोड़ प्राप्त कर ली।

 ₹1.10 करोड़ में तय हुआ था फ्लैट का सौदा: 
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 04.04.2026 को शिकायतकर्ता द्वारा दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, आरोपित भानु प्रिया नारंग एवं ध्रुव शर्मा ने गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-2 स्थित फ्लैट को ₹1.10 करोड़ में बेचने का सौदा तय किया था। आरोपित  ने शिकायतकर्ता को बताया कि फ्लैट पर बैंक लोन बकाया है, जिसे चुकता करने के बाद बैंक से एनओसी एवं मूल दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे। शिकायतकर्ता द्वारा विभिन्न तिथियों में आरोपितों को फ्लैट की पूरी ₹1.10 करोड़ राशि का भुगतान कर दिया गया।
फर्जी बैंक स्टेटमेंट दिखा कर दिलाया लोन क्लियर होने का भरोसा: 
उनका कहना है कि शिकायत के अनुसार, आरोपितों  ने लोन चुकता होने का विश्वास दिलाने के लिए बैंक स्टेटमेंट एवं फोरक्लोजर संबंधी स्क्रीन शॉट दिखाए। इसके आधार पर शिकायतकर्ता को भरोसे में लिया गया। इसके बाद दिनांक 23.01. 2025 को फ्लैट की बिक्री विलेख शिकायतकर्ता एवं उसकी पत्नी के नाम कर दी गई। बाद में बैंक से सत्यापन कराने पर फ्लैट पर ₹35.70 लाख का लोन बकाया पाया गया। साथ ही, आरोपितों द्वारा प्रस्तुत बैंक स्टेटमेंट फर्जी पाए जाने का आरोप है। इस संबंध में शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-56,गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया। मामले की जांच थाना सेक्टर-56 की टीम द्वारा की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा गत 18 अगस्त को दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उनका कहना है कि मामले में कार्यवाही करते हुए  थाना सेक्टर-56, गुरुग्राम की टीम ने दिनांक 18.08.2026 को दोनों आरोपितों को अनुसंधान में शामिल किया जिनके नाम भानु प्रिया नारंग (33 वर्ष) एवं उसके पति ध्रुव शर्मा (35 वर्ष), दोनों दिल्ली निवासी है।
लोन की वास्तविक स्थिति छिपाने का आरोप: 
पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपितों द्वारा उक्त फ्लैट शिकायतकर्ता को बेचा गया था। फ्लैट पर बकाया ₹35.70 लाख के बैंक लोन को चुकाए बिना ही आरोपितों ने शिकायतकर्ता को लोन क्लियर होने का विश्वास दिलाने के लिए बैंक स्टेटमेंट/NOC संबंधी दस्तावेजों की फर्जी फोटो दिखाई। लोन की वास्तविक स्थिति छिपाकर शिकायतकर्ता से फ्लैट की पूरी राशि प्राप्त की गई और बैंक लोन का भुगतान किए बिना ही फ्लैट की बिक्री कर दी गई। बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी: पुलिस टीम द्वारा मामले में बैंक लोन से संबंधित रिकॉर्ड, कथित फर्जी बैंक स्टेटमेंट/NOC, बिक्री विलेख, वित्तीय लेन-देन एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े प्रत्येक तथ्य एवं साक्ष्य का नियमानुसार सत्यापन किया जा रहा है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाएगी। मुकदमा का अनुसंधान जारी है।

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