अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
एंटी करप्शन ब्यूरो मेरठ की टीम ने आज उत्तर प्रदेश रेरा के ग्रेटर नोएडा ऑफिस में अकाउंटेंट को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी केंद्रीय वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में सहायक निदेशक कुलदीप की शिकायत पर की गई. सूचना मिलने पर कोतवाली बीटा-2 टीम भी मौके पर पहुंची और अकाउंटेंट को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

कुलदीप ने बताया कि उन्होंने सीएलपी प्लान के तहत फ्लैट खरीदा था और 95 प्रतिशत भुगतान कर चुके थे। बचे हुए पांच प्रतिशत भुगतान के समय ही बिल्डर ने अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी। जब कुलदीप ने इस अनियमितता की शिकायत उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) से की, तो जांच के आदेश हुए। बिल्डर ने मामले को चुनौती भी दी, लेकिन जून 2022 में बिल्डर की अपील खारिज कर दी गई। इसके बावजूद पिछले तीन वर्षों से कुलदीप यूपी रेरा के चक्कर लगा रहे हैं। न तो उन्हें फ्लैट का वैध कब्जा मिल सका और न ही बिल्डर पर जुर्माना वसूला गया। यूपी रेरा के अकाउंटेंट हरेंद्र गोस्वामी ने उनका काम जल्दी कराने का भरोसा दिलाया, लेकिन इसके बदले में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी। जब कुलदीप ने इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताई तो हरेंद्र ने पांच हजार रुपये तत्काल और बाकी बाद में देने की बात कही। इस पर कुलदीप ने तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो, मेरठ से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। योजना के अनुसार जब हरेंद्र गोस्वामी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए, तब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया।
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