अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला: पुलिस कमिश्नर शिवाश कविराज के मार्गदर्शन व डीसीपी क्राइम एंड ट्रेफिक मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच 26 इंचार्ज इंस्पेक्टर दिलीप सिंह की टीम ने टैक्सी चालक से मारपीट और पिस्तौल के बल पर लूट करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर एक पुराने डकैती के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।

प्रेस वार्ता के दौरान एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने बताया कि यह मामला 5 दिसंबर 2023 को पिंजौर थाना में उस समय दर्ज हुआ था जब पीड़ित बैंक कश्यप पुत्र श्यामलाल,निवासी पानीपत ने पुलिस को शिकायत दी कि 4 दिसंबर की रात पानीपत रेलवे स्टेशन से तीन युवकों ने उसकी टैक्सी पिंजौर जाने के लिए बुक की थी। रास्ते में चंडी मंदिर टोल प्लाजा पर दो और युवक उनकी गाड़ी में सवार हो गए। देर रात करीब 11 बजे पांचों युवक टैक्सी को पिंजौर-नालागढ़ रोड पर स्थित खेड़ा बसेला गांव के नजदीक सुनसान इलाके में ले गए, जहां उन्होंने चालक के साथ मारपीट की, हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसका मोबाइल फोन, 4000 रुपये नकद लूट लिए तथा टैक्सी लेकर फरार हो गए।

मामला दर्ज होते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ दिनों बाद लूटी गई कार को दद्दू माजरा,चंडीगढ़ से बरामद कर लिया था, परंतु आरोपित फरार थे। हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि दो आरोपित धीरज पुत्र जयपाल निवासी ब्रह्मनगर, करनाल और शिवा उर्फ काजू निवासी राजीव कॉलोनी करनाल, करनाल में मौजूद हैं। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच 26 की टीम ने 31 जुलाई को दोनों आरोपियों को दबोच लिया। 1 अगस्त को अदालत में पेश करने के बाद उन्हें 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।पूछताछ के दौरान दोनों आरोपित ने अपने एक और साथी देवेंद्र राणा पुत्र सतपाल,निवासी करनाल के बारे में जानकारी दी, जिसे 1 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 395 (डकैती) तथा आर्म्स एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर विनोद कुमार द्वारा की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी साझा करते हुए एसीपी अरविंद कंबोज ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड धीरज एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसने हरिद्वार में एटीएम लूट का प्रयास भी किया था और वर्तमान में जमानत पर बाहर था। अन्य दोनों आरोपितों पर भी दो-दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपितों की क्राइम हिस्ट्री खंगाल रही है और फरार दो अन्य साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। साथ ही, लूट में प्रयोग किए गए अवैध हथियारों और अन्य सामान की बरामदगी के लिए भी टीमें सक्रिय हैं। रेड में सिपाही सचिन और सिपाही नवीन की भी सराहनीय भूमिका रही। 2 फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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