
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
त्योहारों की सुरक्षा को सामुदायिक संपर्क के साथ जोड़ते हुए, पश्चिम जिला, दिल्ली पुलिस ने विभिन्न रामलीला और डांडिया स्थलों पर समर्पित पुलिस कियोस्क स्थापित किए। इस पहल ने आगंतुकों और प्रतिभागियों को पुलिस अधिकारियों से सीधे बातचीत करने, पुलिस सेवाओं के बारे में जानने और व्यावहारिक सुरक्षा मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया।

चार जागरूकता विषयों पर विशेष रूप से तैयार किए गए वीडियो कियोस्कों पर प्रदर्शित किए गए। नागरिकों को सुरक्षा सावधानियों को समझने और यह जानकारी अपने परिवारों के साथ साझा करने में मदद करने के लिए साइबर जागरूकता पुस्तिकाएँ और पर्चे भी वितरित किए गए।
चार प्रमुख जागरूकता विषय

जन सुनवाई एवं शिकायत निवारण
आगंतुकों को जनसुनवाई पहल तथा अपनी शिकायतों और चिंताओं के साथ पुलिस से संपर्क करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने नागरिकों को अपनी शिकायतें साझा करने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
महिलाओं की सुरक्षा
महिलाओं और बालिकाओं को व्यक्तिगत सुरक्षा, उपलब्ध पुलिस सहायता तथा उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने डांडिया प्रतिभागियों से भी बातचीत की और सुरक्षित तथा सहयोगी वातावरण प्रदान करने के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।
साइबर सुरक्षा
आगंतुकों को आम ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक, ओटीपी साझा करने के जोखिमों तथा डिजिटल लेन-देन के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक किया गया। जागरूकता वीडियो और प्रत्यक्ष संवादों ने डिजिटल सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्क रहने के महत्व को और मजबूत किया।
नशा जागरूकता एवं रोकथाम
आगंतुकों, विशेषकर युवाओं और परिवारों, को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में बताया गया और उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।पश्चिम जिला पुलिस का व्हाट्सएप नंबर, +91 6828 401 608, नशीले पदार्थों से संबंधित जानकारी की रिपोर्ट करने के लिए प्रमुख रूप से साझा किया गया। नागरिकों को आश्वस्त किया गया कि उनकी पहचान और मोबाइल नंबर गोपनीय रखे जाएंगे तथा सत्यापित जानकारी पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति एवं समुदाय के साथ संवाद
हरेश्वर वी. स्वामी, आईपीएस, डीसीपी/पश्चिम जिला, तथा अभिषेक गुप्ता, अतिरिक्त डीसीपी/पश्चिम जिला, संबंधित एसीपी, एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ विभिन्न स्थलों पर उपस्थित रहे, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा आयोजकों, आगंतुकों और प्रतिभागियों से संवाद किया।अधिकारियों ने चार जागरूकता विषयों को समझाया, जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया और सुलभ एवं त्वरित पुलिसिंग के प्रति पश्चिम जिला पुलिस की प्रतिबद्धता को दोहराया।
सुरक्षा व्यवस्थाएँ एवं आयोजकों को सहयोग
पुलिसकर्मी स्थलों पर तैनात रहे और आयोजकों के साथ निकट समन्वय में कार्य करते हुए रामलीला और डांडिया कार्यक्रमों के सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यव स्थित संचालन में सहयोग प्रदान किया। समूची व्यवस्था के दौरान महिलाओं की सुरक्षा एक प्रमुख प्राथमिकता बनी रही। इस पहल को आगंतुकों और प्रतिभागियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिन्होंने पुलिस की सहायता, उपस्थिति और उपयोगी सुरक्षा जानकारी साझा करने के प्रयासों की सराहना की। उत्सव स्थलों पर सीधे जागरूकता और पुलिस सेवाएँ पहुँचाकर, पश्चिम जिला पुलिस ने जनता के विश्वास और सामुदायिक सहयोग को मजबूत किया।पश्चिम जिला पुलिस सार्वजनिक सुरक्षा, त्वरित पुलिसिंग और एक सुरक्षित, नशामुक्त समुदाय के लिए प्रतिबद्ध बनी हुई है।
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