Athrav – Online News Portal
दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय

एसआरसीसी में प्रधानमंत्री छात्रों के सवालों का जवाब देने नहीं, बल्कि चुनाव प्रचार करने गए थे- कांग्रेस


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली:कांग्रेस ने करारा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसआरसीसी (श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स) में बढ़ती बेरोजगारी, चरमराती शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, दिल्ली में छात्रों पर बर्बर कार्रवाई, महंगाई जैसे छात्रों के सवालों पर चुप्पी साधे रखी और वहां वह सिर्फ अपना पीआर एवं चुनाव प्रचार करने गए थे। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी की कार्य समिति के सदस्य एवं एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जानबूझकर रात में कॉलेज का दौरा किया, क्योंकि वे दिन में जाने से डर रहे थे, कहीं उन्हें छात्रों के विरोध का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में केवल चुने हुए लोगों को ही बुलाया गया। कार्यक्रम में जाने से छात्रों को रोका गया।

डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सच्चाई देश के सामने आ चुकी है। इसलिए उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बेहद सफल ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से परेशानी हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की यही गूंज देश में बदलाव की आवाज बनेगी। यही आवाज प्रधानमंत्री के झूठ और खोखले दावों का पर्दाफाश करेगी।कन्हैया कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि आज का कार्यक्रम न तो प्रधानमंत्री के लिए अपनी डिग्री दिखाने या दिल्ली विश्वविद्यालय से डिग्री लेने के लिए था और न ही उनका इस कॉलेज से कोई लेना-देना था। प्रधानमंत्री ने 18 सितंबर को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मदद के लिए इस प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान को अपना चुनावी मंच बनाया। कांग्रेस नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आधे पानी और आधे हवा से भरे गिलास का जिक्र किया, लेकिन अब देश समझ चुका है कि उस गिलास में आधी हवा नहीं, बल्कि पीआर भरा हुआ है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जब नरेंद्र मोदी ने 2013 में यहां दौरा किया था, तब लोकतंत्र था और छात्र अपने नेताओं से सवाल पूछ सकते थे। लेकिन आज छात्र ही नहीं, बल्कि पत्रकार भी सरकार से सवाल नहीं पूछ सकते।कन्हैया कुमार ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बात करेंगे, लेकिन वह कुछ नहीं बोले। उन्होंने कहा कि देश में रोजाना 25 सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में 150 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हो चुके हैं। इसके अलावा, पेपर लीक, बेरोजगारी के चलते हर घंटे दो युवाओं की आत्महत्या और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज एवं पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे गंभीर विषयों पर प्रधानमंत्री ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। कन्हैया कुमार ने अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी, मणिपुर में जारी हिंसा, पेट्रोल में इथेनॉल मिलावट और देश में बढ़ती नफरत जैसे विषयों पर भी प्रधानमंत्री के मौन रहने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए पुलवामा और पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री के महंगाई नियंत्रण में होने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पेट्रोल, दूध और चीनी जैसी बुनियादी वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। कन्हैया कुमार ने तंज कसा कि 2013 में जब नरेंद्र मोदी यहां आए थे, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छात्रों के लिए फ्री मेट्रो पास बनवाने का वादा किया था, लेकिन केंद्र और दिल्ली में भाजपा की सरकार होने के बावजूद आज तक यह वादा पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा, कैंपस सुरक्षा की स्थिति दयनीय हो चुकी है और हॉस्टलों की कमी से छात्र लगातार जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को तुरंत फ्री मेट्रो पास की सुविधा दी जाए, हर कॉलेज में बेहतर सुविधाओं से लैस हॉस्टल का निर्माण हो, कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त किया जाए।

Related posts

नई दिल्ली: जब तक आपका बेटा, आपका भाई जिंदा है, आपकी एक भी झुग्गियों को नहीं हटाया जाएगा -सीएम केजरीवाल

Ajit Sinha

ब्रेकिंग: हरियाणा बीजेपी ने 22 जिलों में प्रभारियों को किया नियुक्त, विपुल गोयल रोहतक जिले के प्रभारी बने-लिस्ट पढ़े।

Ajit Sinha

G-20 शिखर सम्मेलन: सुगम यातायात व्यवस्था

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x