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गुडगाँव

सड़क के बीचों बीच खड़े खतरनाक बिजली के खंभों को हटाया जाएगा – विक्रम सिंह


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम:दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार बिजली निगम ने आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क के बीच में खड़े खतरनाक बिजली के खंभों और कम ऊंचाई पर लटक रही विद्युत लाइनों के संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। डीएचबीवीएन प्रवक्ता ने बताया कि विभिन्न सरकारी व स्थानीय एजेंसियों द्वारा सड़क चौड़ीकरण या नई सड़क निर्माण के चलते कई स्थानों पर बिजली के खंभे मुख्य मार्गों के बीच आ गए हैं। सामान्यतः ऐसे खंभों को संबंधित एजेंसियों द्वारा जमा लागत पर हटाया जाना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर अब तक ये खंभे यथावत खड़े हैं, जिससे आमजन और वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। विशेषकर रात्रि और कोहरे के मौसम में इनके कारण गंभीर दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है। बार-बार सड़क निर्माण कार्यों के कारण विद्युत लाइनों की ऊंचाई भी कम हो जाती है, जिससे विद्युत हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है।

उपमंडल अधिकारी मुख्य जिम्मेदार अधिकारी
जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है कि संबंधित ऑपरेशन क्षेत्र के एसडीओ ऐसे सभी खतरनाक स्थानों की समय-समय पर पहचान करेंगे और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खंभों के स्थानांतरण तथा विद्युत लाइनों की ऊंचाई सुनिश्चित करेंगे। जहां भी खंभे हटाने या लाइन की ऊंचाई सुनिश्चित करने की ज़रूरत होगी, एसडीओ ऑपरेशन जमा लागत (डिपॉजिट एस्टीमेट) तैयार कर सक्षम अधिकारी से स्वीकृत करवाएंगे। इसके बाद संबंधित विभाग एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर, नगर निगम, मार्केटिंग बोर्ड, पंचायत आदि को 15 दिनों के भीतर लागत जमा कराने का नोटिस दिया जाएगा।
यदि विभाग 15 दिन में राशि जमा नहीं करता तो 5 लाख रुपए तक के कार्य एसडीओ ऑपरेशन जनहित में कार्य को तुरंत करवाएंगे और खर्च की राशि संबंधित विभाग के बिजली बिल में जोड़कर वसूल की जाएगी। 5 लाख रुपए से अधिक के कार्य को ऑपरेशन के कार्यकारी अभियंता नोडल अधिकारी के रूप में मामले को संबंधित विभागों के साथ बैठकों व रिमाइंडर के माध्यम से उठाएंगे। कार्य तभी किया जाएगा जब विभाग राशि जमा कर देगा।

दस्तावेजीकरण और निगरानी
कार्य से पहले और बाद की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के साथ तारीख, समय और जियो लोकेशन का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। एसडीओ ऑपरेशन को संबंधित अवसंरचना का जीआईएस मैपिंग अपडेट सुनिश्चित करना होगा।अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता पखवाड़ा वार समीक्षा कर गतिविधियों की रिपोर्ट संबंधित मुख्य अभियंता ऑपरेशन को भेजेंगे, जहाँ इसे डब्ल्यूटीडी की तिमाही बैठक में समीक्षा हेतु रखा जाएगा। इन निर्देशों के साथ ही सेल्स सर्कुलर डी-11/ 2022 को पूर्ण रूप से निरस्त कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों की सावधानीपूर्वक अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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