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अपराध चंडीगढ़ हरियाणा

मुकदमे में धारा हटाने की एवज में रिश्वत लेने वाले तत्कालीन एएसआई को 4 साल की कैद, अदालत ने सुनाया फैसला।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
हिसार/भिवानी:भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिवानी की अदालत ने रिश्वतखोरी के एक मामले में हरियाणा पुलिस के तत्कालीन एएसआई (ASI) को दोषी करार देते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है । मामले की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि 2023 में अक्टूबर माह में एक शिकायतकर्ता ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), हिसार में शिकायत दर्ज कराई थी । शिकायत में आरोप लगाया गया था कि थाना सदर भिवानी में तैनात एएसआई राजेन्द्र सिंह ने शिकायतकर्ता के भाई पर दर्ज एक मुकदमे में धाराएं कम करने के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी ।

इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एसीबी हिसार की टीम ने रेड की और आरोपित एएसआई राजेन्द्र सिंह (ASI/ESI No. 627/BWN) को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस संबंध में आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हिसार में मुकदमा  संख्या 28, दिनांक 08-10-2023 को पीसी एक्ट 1988 की धारा 7, 13(1)b r/w 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था । जांच पूरी होने के बाद, ब्यूरो ने 05-12-2023 को भिवानी की अदालत में चालान पेश किया था। दिनांक 04-02-2025 को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सबूतों के आधार पर आरोपित  राजेन्द्र सिंह पुत्र रघुराम सिंह (निवासी नजदीक रविदास मंदिर, कलानौर, जिला रोहतक) को दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी को सजा सुनाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत 3 वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया, तथा धारा 13(1)b के साथ पठित धारा 13(2) के अंतर्गत 4 वर्ष का कारावास और 3,000 रुपये के जुर्माने की सजा दी।

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