
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने तथा विभाग की गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए देश के प्रत्येक जिले में वहां के पांच जाने माने वकीलों की टीम तैयार करने का फैसला लिया है।यह निर्णय बुधवार को इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित हुई विभाग की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता विभाग के चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने की, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

बैठक के उपरांत पत्रकारों को बैठक की जानकारी देते हुए डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कुछ महीने पहले विज्ञान भवन में आयोजित विभाग का राष्ट्रीय अधिवेशन बेहद सफल रहा था, जिसमें देशभर से वकील, आरटीआई कार्यकर्ता और मानवाधिकार से जुड़े लोग शामिल हुए थे। उस अधिवेशन से सभी प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ और उसी की अगली कड़ी के रूप में बुधवार को यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर संगठन को और सशक्त बनाना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में चल रहे जिला पुनर्गठन अभियान के तहत अब हर जिले में कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के लिए पांच वरिष्ठ वकीलों की सूची बनाई जाएगी, जो विभाग की गतिविधियों का संचालन करेंगे। कई जिलों में यह व्यवस्था पहले से अनौपचारिक रूप से मौजूद थी, जिसे अब औपचारिक रूप दिया जा रहा है।

डॉ. सिंघवी ने कहा कि जिन प्रदेशों में अभी विभागीय अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हुई है, वहां केंद्रीय टीम जिला स्तर पर पुनर्गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने बताया कि रैपिड रिस्पांस फोर्स के गठन को लेकर भी बैठक में निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रदेश में न्यूनतम पांच वरिष्ठ वकीलों की एक टीम बनाई जाएगी, जो पार्टी से जुड़े अहम मुद्दों पर कम समय में प्रभावी ढंग से अदालतों में पैरवी कर सकेगी। इस प्रक्रिया को भी राज्यवार तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।डॉ. सिंघवी ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग से जुड़े सभी लोगों की एक व्यापक डायरेक्टरी भी तैयार की जाएगी। यह डायरेक्टरी जिला और तहसील स्तर तक होगी, जिसे प्रदेशवार और वर्णानुक्रम में तैयार किया जाएगा। इसके अगले चार से छह सप्ताह में तैयार होने की संभावना है।उन्होंने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय उन प्रदेशों में अध्यक्षों की शीघ्र नियुक्ति को लेकर लिया गया है, जहां अब तक संगठनात्मक ढांचा पूरा नहीं हो पाया है। सभी राज्यों में विभागीय अध्यक्षों की नियुक्ति बहुत जल्द पूरी कर ली जाएगी।इसके साथ ही डॉ. सिंघवी ने एक नई पहल की जानकारी देते हुए बताया कि 21 से 28 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे युवाओं के लिए एक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जो कांग्रेस से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं, लेकिन कानून, मानवाधिकार या आरटीआई के क्षेत्र में रुचि और अनुभव रखते हैं। इस कार्यक्रम के तहत युवा सांसदों के साथ इंटर्न के रूप में काम करेंगे। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो अगले चरण में यह मॉडल विधायकों के साथ भी लागू किया जाएगा।डॉ. सिंघवी ने विश्वास जताया कि वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय टीम और प्रदेश अध्यक्षों के सहयोग से ये सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे होंगे। इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सौंपी जाएगी और इसके लोकार्पण के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
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