
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 2027 को सफल, सटीक और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से गुरुग्राम स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान में चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 46 मास्टर ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं, जिन्हें आगे अपने-अपने जिलों में गणना कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में अधिकारियों को मकान सूचीकरण एवं गणना की संपूर्ण रूपरेखा,उद्देश्य, कार्यप्रणाली, समय-सीमा तथा प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। बताया गया कि यह अभियान सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, संसाधनों के वितरण तथा जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में आधार का कार्य करते हैं।

निदेशक जनगणना हरियाणा डॉ. ललित जैन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश के सामाजिक व आर्थिक विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने सभी अधिकारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया, ताकि प्रत्येक घर और परिवार की सही जानकारी दर्ज हो सके।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर जाकर मकानों एवं परिवारों का विवरण एकत्रित करने की चरणबद्ध प्रक्रिया सिखाई जा रही है। इस प्रशिक्षण में भवनों की पहचान करना, मकानों को क्रम संख्या देना, क्षेत्रवार मानचित्र तैयार करना तथा मूलभूत सुविधाओं, संपत्तियों और अन्य जरूरी जानकारियों को सही तरीके से दर्ज करने और उनका रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल डेटा एंट्री, रियल-टाइम अपलोडिंग, त्रुटियों की जांच और सुरक्षित संग्रहण का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है। इससे पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक से जुड़कर अधिक पारदर्शी, तेज, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में भी सुगमता, दक्षता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा।अधिकारियों को यह भी बताया गया कि गणना कार्य के दौरान क्षेत्रीय समन्वय, टीमवर्क, समय प्रबंधन और जनसंपर्क की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रशिक्षण में संभावित चुनौतियों, उनके समाधान तथा फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक परिस्थितियों से निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मण सिंह संयुक्त निदेशक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक, प्रमोद कुमार राष्ट्रीय प्रशिक्षक, हिपा की संयुक्त निदेशक रेखा दहिया, देवेश बंसल जिला समन्वय अधिकारी, गुरुग्राम सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
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