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खेल दिल्ली राष्ट्रीय

दिल्ली के सात खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीत कर देश का बढ़ाया मान,प्रोत्साहन राशि का चेक देकर किया सम्मान


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:दिल्ली के सात खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीत कर देश का मान बढ़ाया है,जिनको आज सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रोत्साहन राशि का चेक देकर सम्मानित किया। एनडीएमसी कंवेंशन सेंटर में आयोजित सम्मान समारोह में सीएम अरविंद केजरीवाल ने मेडल विजेता रवि दहिया, पिंकी, नवनीत सिंह, तूलिका मान, तेजस्विनी शंकर, पूजा गहलोत और रोहित टोकस में 2.60 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक वितरित किया और कहा कि धीरे-धीरे दिल्ली खेल के क्षेत्र में देश के नक्शे पर आने लगी है। देश को कॉमनवेल्थ गेम्स में 61 मेडल मिले, जिसमें से दिल्ली के खिलाड़ियों ने 7 मेडल जीते। उन्होंने कहा कि समान्य तौर पर सिलेक्शन बॉडी में नेता और अफसर भरे पड़े होते हैं, जिनका खेल से कोई लेना-देना नहीं होता है, जिसे हमने खत्म किया। दिल्ली में सभी स्कीमों के तहत खिलाड़ियों का चयन मेरिट के आधार पर सिर्फ खिलाड़ी ही करते हैं।

दिल्ली में हमने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्ले एंड प्रोग्रेस, मिशन एक्सीलेंस और कैश इंसेंटिव स्कीम शुरू की, ताकि उनको पैसे की दिक्कत न हो। सीएम ने कहा कि हमने एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी बनाई है, जिसका एक ही लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा मेडल लेकर आना है। जिस तरह हमने सरकारी स्कूलों में शिक्षा का बहुत अच्छा माहौल तैयार किया है, उसी तरह हम स्पोर्ट्स में भी माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2022 में मेडल जीत कर देश का नाम रौशन करने वाले दिल्ली के सात खिलाड़ियों को आज प्रोत्साहन राशि का चेकर देकर सम्मानित किया। इससे पहले, दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं खेल निदेशालय द्वारा एनडीएमसी के कंवेंशन सेंटर में आयोजित सम्मान सम्मारोह में बातौर मुख्य अतिथि पहुंचे सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ डिप्टी सीएम श्री मनीष सिसोदिया का छात्राओं ने तिलक लगाकर स्वागत किया।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया और छात्रा-छात्राओं ने पौधे देकर सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत अन्य गणमान्य लोगों का अभिनंदन किया। इसके बाद, फिजिकल एजुकेशन की टीम ने ‘सुनो गौर से दुनिया वालों, बुरी नजर ना हम पर डालो’ गीत प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज बहुत गर्व का दिन है कि हम अपने खिलाड़ियों को सम्मानित कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पूरे देश का नाम रौशन किया है। हम मैं तो यह कहूंगा कि हम इन्हें सम्मानित नहीं कर रहे हैं, बल्कि ये हमें सम्मानित कर रहे हैं। देश को इनके ऊपर गर्व है। एक-एक खिलाड़ी जब खेल की दुनिया में मेडल जीतकर लाता है, तो उसके पीछे कई लोगों का संघर्ष होता है।

उनके पीछे उनके परिवार, उनके कोच और साथियों का संघर्ष होता है। आज मैं इन खिलाड़ियों के साथ-साथ इनकी जिंदगी में संघर्ष करने वाले सभी लोगों को बहुत-बहुत तहे दिल से बधाई देता हूं। मुझे बेहद खुशी है कि दिल्ली अब धीरे-धीरे खेल के क्षेत्र में देश के नक्शे पर आने लगी है। हम लोगों को कॉमनवेल्थ गेम में 61 मेडल मिले। इन 61 मेडल में से 7 मेडल दिल्ली के खिलाड़ियों ने जीते। जनसंख्या के हिसाब से देखा जाए तो दिल्ली में दो करोड़ की आबादी है। जबकि देश में कुल 130 करोड़ की आबादी है। इस प्रकार दिल्ली में देश की 2 फीसद से भी कम आबादी रहती है, लेकिन हम देश के लिए 10 फीसद से ज्यादा मेडल लेकर आए। मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में दिल्ली की मेडल संख्या और भी ज्यादा बढ़ेगी और हम पूरे देश का नाम और भी ज्यादा रौशन कर सकेंगे।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमारी जब सरकार बनी, उससे पहले हम भी आम लोगों की तरह ही थे। हमने नई-नई पार्टी बनाई थी और हमारी नई-नई सरकार बनी थी। हम सब लोग जानते हैं कि लोगों के मन में किस तरह से खेल को लेकर भावना रहती है। हमारा 130 करोड़ लोगों का देश है। ऐसा नहीं है कि हमारे यहां प्रतिभा की कमी है। हमारे यहां भी बहुत प्रतिभा है। हर क्षेत्र में प्रतिभा है। गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले में प्रतिभा है, लेकिन खेल की दुनिया में जब बात निकल कर आती थी तो दो तरह की बातें सामने आती थीं। पहली यह कि खिलाड़ियों को पूरी तरह से सुविधाएं नहीं मिलती है, वो सुविधाएं मिलनी चाहिए। दूसरा यह कि खेल के क्षेत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप बहुत होता है। जिनका चयन होना चाहिए, उनका नहीं होता है। किसी नेता, मंत्री या अफसर के बच्चे का सिफारिश और पैसे लेकर चयन हो जाता है। यह दो चीजें खेल की दुनिया को बहुत ज्यादा प्रभावित करती थीं। इसको हमने दिल्ली के अंदर ठीक करने की कोशिश की कि एक तो खिलाड़ियों को पूरी तरह से सुविधाएं मिलें। उसके ऊपर हमने काम किया। हम सुनते थे कि दूसरे देशों में बचपन से ही बच्चे को सुविधाएं देते हैं, ताकि वो बचपन से ही ट्रेनिंग करके आगे बढ़ सके। उस क्षेत्र में हमने प्ले एंड प्रोग्रेस स्कीम निकाली की कि अगर स्कूलों में कोई बच्चा किसी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा रहा है, तो शायद वो बड़ा होकर कुछ बन जाए। ऐसे बच्चे को हम सालाना 2 से 3 लाख रुपए देते हैं, ताकि उसके मां-बाप और उसकी टीचर ट्रेनिंग दे सकें, उसको अच्छा कुछ कोच मुहैया करा सकें और उसको अच्छा आहार दें सकें।सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि खिलाड़ियों को दूसरी दिक्कत यह दिक्कत आती है कि जब वो संघर्ष कर रहा होता है, उसने अभी जिंदगी में बहुत कुछ पाया नहीं है और संघर्ष कर रहा है तो ऐसे लोगों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत होती है। हम लोगों ने ऐसे खिलाड़ियों चिन्हित किया। हम लोगों ने तय किया कि उस स्पोर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर टॉप के आठ खिलाड़ियों में आएगा, उसको हम 16 लाख रुपए सालाना देंगे, ताकि वो अपनी कोचिंग और ट्रेनिंग ले सके। उसको पैसे की किल्लत नहीं होनी चाहिए। उसको हमने मिशन एक्सीलेंस का नाम दिया। वहीं, तीसरा कैस इंसेंटिव स्कीम है। इसमें अगर कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई मेडल जीतकर लाया, तो उनको हम कैश इंसेंटिव देकर सम्मानित करते हैं। इस तरह से हमने खिलाड़ियों को अलग-अलग स्तर पर मदद पहुंचाने और साथ देने की कोशिश की, ताकि वो आगे बढ़ सकें। इसके अलावा, खेलों में किसी भी तरह की राजनीति का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। समान्य तौर पर देखा जाता है कि जितनी सिलेक्शन बॉडी होती हैं, उसमें नेता और अफसर भरे पड़े होते हैं और ये ऐसे लोग होते हैं, जिनका खेल से कोई लेना देना नहीं होता है। उसको भी हमने खत्म किया। दिल्ली में प्ले एंड प्रोग्रेस, मिशन एक्सीलेंस और कैश इंसेंटिव स्कीम में खिलाड़ियों का चयन खिलाड़ी ही करते हैं, उसमें मेरी, मनीष सिसोदिया जी या किसी अधिकारी की नहीं चलती है। उसमें सारे खिलाड़ी हैं, जो खेल को समझते हैं और केवल मेरिट के आधार पर चयन होता है। इसलिए दिल्ली में अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। दूसरी जगहों से बहुत शिकायतें आती हैं, लेकिन दिल्ली में शुद्ध रूप से मेरिट के ऊपर चयन होता है। हमने दिल्ली के अंदर एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई है, जो अभी नई-नई बनी है। मैं उम्मीद करता हूं आने वाले समय में दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पूरे देश में एक मॉडल के रूप में उभरेगी। हमने इसका एक ही लक्ष्य रखा है कि हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासकर ओलंपिक में ज्यादा से ज्यादा मेडल लेकर आने हैं। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में उस तरह का माहौल तैयार करना है। दिल्ली में हमने स्कूलों के अंदर बहुत अच्छा शिक्षा का माहौल तैयार किया है। आज हमारे सरकारी स्कूलों के टीचर्स और प्रिंसिपल बहुत ज्यादा प्रेरित हैं और अच्छा पढ़ा रहे हैं। स्पोर्ट्स के अंदर भी हम उसी तरह का माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। काफी हद तक सफलता मिली है और काफी अभी करना बाकी है। सभी खिलाड़ियों और लोगों के साथ मिलकर हम उसको भी हासिल करेंगे। मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में दिल्ली और हमारा देश और ज्यादा मेडल लेकर आएगा। ऐसी मेरी इच्छा है।मीडिया से बात करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल जीते थे, उन सभी खिलाड़ियों को आज हम लोगों ने सम्मानित किया। उन लोगों को हम हमने सम्मान राशि दिए। मुझे बेहद खुशी है कि दिल्ली से अब कई खिलाड़ी देश के लिए खेल रहे हैं। दिल्ली में हमने खेलों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की है। खेलों के बुनियादी ढांचे को बहुत अच्छा किया हैं। अलग-अलग स्कूलों में खेल रहे बच्चों और संघर्ष कर रहे खिलाड़ियों को को प्रोत्साहन और मदद देने के लिए हम लोगों ने कई सारी स्कीम निकाली है। हम सघर्ष कर रहे खिलाड़ियों को कैश देकर उनके आहार और प्रशिक्षण में मदद करते हैं। उसके नतीजे भी आने लगे हैं। दिल्ली में दो करोड़ लोग रहते हैं। दिल्ली में देश की 2 फीसद से भी कम आबादी है। लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में दिल्ली ने 10 फीसद से भी ज्यादा अवार्ड जीता है। मैं उम्मीद करता हूं आने वाले वर्षों में और अच्छा माहौल तैयार होगा। हम देश के लिए और ज्यादा मेडल जीतेंगे। वहीं, डिप्टी सीएम एवं खेल मंत्री मनीष सिसोदिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स में विजेता खिलाडियों का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व में दिल्ली के अंदर खेल की सुविधाएं बढाने और खिलाडियों का मनोबल बढ़ाने पर बहुत अच्छा काम हुआ है। हमें खुशी और गर्व है कि दिल्ली के पास भी एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं, जो पूरे विश्व में दिल्ली और देश को गौरवांवित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी अपनी पहचान के लिए मेहनत कर रहा होता है और खुद को निखार रहा होता है, तब उसे मदद की जरुरत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल जी ने दो महतवपूर्ण योजनाएं ‘प्ले एंड प्रोग्रेस’ और ‘मिशन एक्सीलेंस’ की शुरुआत करवाई। इस योजना के तहत 17 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों को 2 से 3 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है और उनसे उपर के खिलाडियों को 16 लाख तक की सहायता राशि दी जाती है। उन्होंने ने कहा कि मेडल जीतने के बाद तो सभी खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हैं, लेकिन दिल्ली सरकार खिलाडियों की उस समय भी मदद करती है, जब वे अपनी पहचान बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे होते हैं। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह अपने आप में देश में अनूठी स्कीम है। मुझे ख़ुशी है कि आज जो खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल लेकर आए हैं और आज जिन्हें सरकार और पूरा देश सम्मानित कर रहा है, वो भी इस मिशन एक्सीलेंस के तहत आगे आए हैं। उन्होंने खिलाडियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी खिलाड़ियों की वजह से देश का मान-सम्मान बढ़ता है। उन्होंने हॉल में बैठे 170 खिलाडियों का भी हौसला अफजाई करते हुए कहा कि आप सभी मेहनत करते रहिए, दिल्ली सरकार आपको किसी भी सुविधाओं की कमी नहीं होने देगी।कॉमनवेल्थ गेम्स-2022 में दिल्ली के सात खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए मेडल जीता है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने इन खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से कैश इंसेंटिव स्कीम के तहत चेक देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले खिड़ियों में, कुश्ती वर्ग में गोल्ड मेडल विजेता रवि दहिया और लॉन बॉल में गोल्ड मेडल विजेता पिंकी को 50-50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। लॉन बॉल में सिल्वर मेडल जीतने वाले नवनीत सिंह को 40 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। जबकि जूडो में तूलिका मान, एथलेटिक्स में तेजस्विनी शंकर, कुश्ती में पूजा गहलोत, बॉक्सिंग में रोहित टोकस को कांस्य पदक जीतने के लिए 30-30 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। इस तरह मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों में कुल 2.60 करोड़ रुपए का चेक वितरित किया गया। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के बगिंघम में 28 जुलाई 2022 से 8 अगस्त 2022 तक कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया गया था, जिसमें दिल्ली के इन सात खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से मेडल जीत कर देश का नाम रौशन किया।

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