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गुडगाँव स्वास्थ्य

“समन्वय 2026: अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन – शोध एवं व्यवहार के लिए समन्वित पहल” का हुआ आगाज

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम: गुरुग्राम विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (आईएचबीएएस), दिल्ली एवं गुरुग्राम पुलिस के सहयोग से 22 से 25 फरवरी 2026 तक “समन्वय 2026: अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन – शोध एवं व्यवहार के लिए समन्वित पहल” का आयोजन किया जा रहा है। इस चार दिवसीय आयोजन की शुरुआत रविवार अल सुबह विश्वविद्यालय के सेक्टर 51 स्थित परिसर में स्टिगमा के विरुद्ध साथ मिलकर थीम पर आधारित हॉफ मैराथन से हुई। कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक के मार्गदर्शन में आयोजित हाफ मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं ने मानसिक स्वास्थ्य का प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल में भागीदारी की। समन्वय 2026 की संयोजक एवं डीन, फैकल्टी ऑफ सोशल साइंसेज एंड एजुकेशन, डॉ. गायत्री रैना ने जानकारी देते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस के अंतर्गत एक प्रेरणादायक पहल करते हुए रविवार की सुबह हाफ मैराथन का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया। समन्वय 2026 केवल एक अकादमिक सम्मेलन नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध और व्यवहारिक पहलुओं के बीच सेतु स्थापित करने का एक सशक्त मंच है। हाफ मैराथन जैसे आयोजन युवाओं में ऊर्जा, अनुशासन और सामूहिक चेतना का संचार करते हैं। 

डा. गायत्री रैना ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल एक व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। हाफ मैराथन में कुल सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने ‘मेंटल हेल्थ मैटर्स’ और ‘रन फॉर वेल-बीइंग’ जैसे संदेशों के साथ समाज को सकारात्मक संदेश दिया। पूरे परिसर में जोश, ऊर्जा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता, सहभागिता और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।  इस मौके पर डीन अकादमी अफेयर्स प्रो नीरा वर्मा, डॉ. अशोक खन्ना, डॉ. सागरिका फोगाट समेत विवि के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।गुरुग्राम विश्वविद्यालय में सोमवार को ‘कॉन्फ्लुएंस’ कार्यक्रम के दूसरे दिन मानसिक स्वास्थ्य विषय पर केंद्रित विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 8:30 बजे पंजीकरण से होगी, जबकि 9:30 बजे ऑडिटोरियम में उद्घाटन सत्र का आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष एवं सामाजिक विज्ञान एवं शिक्षा संकाय की डीन प्रो. गायत्री रैना स्वागत संबोधन देंगी। मुख्य अतिथि के रूप में आईएचबीएएस, दिल्ली के निदेशक प्रो. आर.के. धमीजा अपने विचार रखेंगे। वहीं पं. बी.डी. शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति प्रो. एच.के. अग्रवाल तथा इंटरनेशनल रोड फेडरेशन के अध्यक्ष (एमेरिटस) के.के. कापिला विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। इस अवसर पर ‘मनो-सुकून’ मानसिक स्वास्थ्य क्लिनिक का उद्घाटन भी किया जाएगा, जिसकी संक्षिप्त प्रस्तुति डॉ. मोनालिसा पॉलिट और सुश्री श्वेता वर्मा देंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कौशिक करेंगे, जबकि आभार प्रदर्शन डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. (डॉ.) अमरजीत कौर द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन सत्र के उपरांत हाई-टी का आयोजन होगा।इसके बाद 11:30 बजे से 1:00 बजे तक ‘मानसिक कल्याण हेतु समन्वय: वैश्विक चुनौतियां, सहयोगात्मक कार्रवाई एवं साझा भविष्य’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। मुख्य वक्ता के रूप में जेएनयू, नई दिल्ली के प्रो. मनोज जेना संबोधित करेंगे। पैनल में जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की डॉ. इरीना सोरोका, जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रो. मोहम्मद गाजी शाहनवाज, कर्नल (सेवानिवृत्त) अविनाश, ऑस्ट्रेलिया की वेलनेस विशेषज्ञ सुश्री जेसिका डेव्रीज़ तथा गुरुग्राम विश्वविद्यालय की प्रो. सुषमा गुप्ता अपने विचार साझा करेंगी। सत्र का संचालन श्री मयूर कालरा करेंगे।दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक भोजनावकाश रहेगा। इसके बाद 2:00 बजे से 3:30 बजे तक तकनीकी सत्र-1 आयोजित होगा, जिसका विषय ‘रिकवरी,नवीनीकरण, लचीलापन एवं समावेशन: क्लिनिकल प्रैक्टिस में नवाचार’ रहेगा। इस सत्र में आईएचबीएएस, नई दिल्ली की डॉ. प्रेरणा शर्मा मुख्य वक्ता होंगी। सत्र की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के प्रो. एस.एन. घोष करेंगे, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में डॉ. रुद्राणी चटर्जी मौजूद रहेंगी। वहीं, दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक कक्ष संख्या 204 (द्वितीय तल) में तकनीकी सत्र–2 में “मनोविज्ञान की क्रियात्मक भूमिका: समुदायों, विधाओं और संस्कृतियों में कल्याण” विषय पर मुख्य वक्ता आईएचबीएएस, नई दिल्ली की क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग की डॉ. शहज़ादी मल्होत्रा, अध्यक्षता जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. मोहम्मद ग़ाज़ी शाहनवाज, सह-अध्यक्ष के रूप में गुरुग्राम विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की अध्यक्ष डॉ. सोनम बंसल अपना वक्तव्य देंगी।इसी समय मीडिया लैब (तृतीय तल) में तकनीकी सत्र–3 का विषय “साक्ष्य से प्रभाव तक: मानसिक स्वास्थ्य में शोध, नीति और व्यवहार का समेकन” होगा। सत्र के मुख्य वक्ता एम्स, नई दिल्ली के क्लिनिकल साइकिएट्री विभाग के डॉ. गौरी शंकर, अध्यक्षता आईएचबीएएस, नई दिल्ली की प्रो. विभा शर्मा तथा सह-अध्यक्ष के रूप में विमहांस, दिल्ली की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनालिसा पालित होंगी।इसके साथ ही, दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक ही द्वितीय तल पर तकनीकी सत्र–4 (पोस्टर प्रस्तुति – यूजी) का आयोजन होगा। जिसमें मनोविज्ञान से जुड़े विद्यार्थी अपने शोध कार्यों की प्रस्तुति देंगे। इस सत्र में आईएचबीएएस, नई दिल्ली की डॉ. मनीषा झा, दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज की डॉ. सुरभि, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग, दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. विद्युत सिंह तथा रामानुजन कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की डॉ. प्रतिमा सिंह ने अध्यक्ष के रूप में मूल्यांकन करेंगे।इसके अतिरिक्त दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक ‘कलाम कक्ष’ में “साइकोफिजियोलॉजी एवं बायोफीडबैक कार्यशाला” आयोजित होगी। कार्यशाला का संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय के एप्लाइड साइकोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. एस.पी.के. जेना द्वारा किया जाएगा।

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