
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
नोएडा के साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है जो फर्जी कंपनियां बना कर देश भर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के 3 साइबर ठगों को सेक्टर-44 से गिरफ्तार किया है। ये ठग फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट बैंक अकाउंट खुलवाते थे और फिर उसमें ठगी की रकम मंगाकर उसे ठिकाने लगाते थे। इनके खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।पुलिस के गिरफ्त में खडे अविनाश झा, हिमांशु कुमार और जितेंद्र दहिया उर्फ आशु को सेक्टर- 44 के पास से 22 मई को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और पुख्ता टेक्निकल इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पूछताछ में जो सच सामने आया, कि इन शातिर अपराधियों ने कागजों पर फर्जी कंपनियां खड़ी कर रखी थीं। इन शेल कंपनियों के नाम पर बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। देश भर में भोले-भाले लोगों से जो साइबर ठगी की जाती थी, उस रकम को इन्हीं फर्जी खातों में मंगाया जाता था। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से पैसों को आगे ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि वो पैसा वैध यानी लीगल दिखाई दे। जांच में इन खातों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिला है।इस गैंग का जाल सिर्फ दिल्ली-एनसीआर तक ही सीमित नहीं था। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर,पंजाब समेत देश के कई अन्य राज्यों में भी साइबर धोखाधड़ी की गंभीर शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल 5 मोबाइल फोन, नकदी, फर्जी कंपनियों की मोहरें और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। नोएडा के साइबर क्राइम थाने में इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस सिंडिकेट में बैंकों के कौन से लोग शामिल थे और इनके तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

