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नोएडा

कभी इंसान का सच्चा और वफादार दोस्त समझे जाने वाले कुत्तों से अब लोग पीछा छुड़ाने लगे हैं. जाने क्यों।

अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट 
नोएडा : कभी इंसान का सच्चा और वफादार दोस्त समझे जाने वाले कुत्तों से अब लोग पीछा छुड़ाने लगे हैं. नोएडा की कई सोसायटी में कुत्ते के काटने की कई मामले आ चुके हैं, प्रशासन पीड़ितों की शिकायत के बाद मालिकों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रहा है, यही कारण की कभी स्टेटस सिंबल के रूप में पाले जाने वाले कुत्तों को अब लोग पालना नहीं चाहते है और एनिमल शेल्टर लावारिस छोड़ कर जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर डॉग अटैक के वायरल हो रहे कई वीडियो के बाद लोग कुत्तों को लेकर लोग दो पक्षों में बंट गए हैं।  एक पक्ष में हैं, जो कुत्ते को पालते हैं और दूसरा पक्ष वे डॉग हेटर के रूप में बुलाते हैं.  

जेपी अमन सोसायटी में रहने वाले रेजिडेंस कहते हैं कि वे डॉग हेटर नहीं है पर हमें कुत्तों से डर लगता है. उस डर को लोग समझे कि हम भी इंसान हैं और हमें भी सोसाइटी में रहने का हक है. इसी सोसाइटी के टावर 7 में रहने वाले लोकेश भाटी का परिवार डॉग अटैक का शिकार हो चुका है और मासूम बच्ची अभी ट्रामा में है। उन्होंने मुकदमा किया हुआ है जो इस समय अदालत में विचाराधीन है.  लगातार बढ़ते डॉग्स की घटनाओं के बाद शहर के ज्यादातर आरडब्लूए और अपार्टमेंट में पालतू कुत्तों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं कई सोसाइटी में पालतू कुत्तों को पैसेंजर लिफ्ट ले जाने पर को रोक लगा दी गई है. साथ ही मुंह पर जाली या मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बाद कई लोग पालतू कुत्तों की देखभाल के लिए उन्हें एनजीओ के पास छोड़कर जाने लगे हैं।

नोएडा के सेक्टर 94 में स्थित नोएडा एनिमल शेल्टर में हमें 50 कुत्ते ऐसे मिले जिन्हें लोगों ने लावारिस छोड़ दिया था जिनमें से 30 प्रतिशत कुत्ते पिटबुल प्रजाति के हैं शेल्टर होम की संचालिका अनुराधा बताती है कि लेकिन यहां पर  अच्छी तरह से देखभाल की जा रही है.
 
अनुराधा बताती हैं कि पिटबुल वह दो कारणों से लोग लावारिस छोड़ देते हैं पहला कारण है कि कुछ लोग इनका इस्तेमाल कुत्तों की अवैध लड़ाई के लिए किया जाता हैं और जब यह कुत्ते घायल हो जाते हैं तब वह हमारे पास इसे छोड़ जाते हैं, इस प्रकार के कुत्ते एग्रेसिव होते है और अपना एग्रेसन कभी नही भूलते है.  दूसरे प्रकार के लोग वे हैं जो इन कुत्तों को पाल लेते हैं लेकिन उनको पिटबुल को रखना नहीं आता और  वे डॉग्स एग्रेसिव हो जाते हैं और फिर लोग उसे घर में नहीं रखना चाहते और वे उन्हें सेंटर के बाहर लावारिस के रूप में छोड़ जाते हैं

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