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नोएडा

58 दिनों से चल रहे चिल्ला बॉर्डर पर किसानों का धरना खत्म, नोएडा और दिल्ली के लोगों को ट्रैफिक जाम से मिली निजात-देखें वीडियो  

अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट 
नॉएडा: नए  कृषि कानूनों को लेकर करीब दो माह से चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटना व राष्ट्र ध्वज के अपमान से आहत होकर भानु गुट ने अपना धरना वापस लिया है। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये घोषणा की। धरना खत्म करते ही चिल्ला बॉर्डर से किसानों के तंबू उखड़ने लगे, इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 58 दिनों से बंद था। बॉर्डर का धरना खत्म होने से नोएडा और दिल्ली के लोगों को यातायात जाम से राहत मिलेगी।

बीकेयू (भानू) राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह से दिल्ली में पुलिस के जवानों के ऊपर हिंसक हमला हुआ तथा कानून व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ाई गई, इससे वे काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लालकिले पर एक धर्म विशेष का झंडा फहराया गया, उससे भी वह दुखी हैं। ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि भारत का झंडा तिरंगा है तथा वह तिरंगे का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कल के घटनाक्रम से वह काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि 58 दिनों से जारी चिल्ला बॉर्डर का धरना वह खत्म कर रहे हैं। चिल्ला बॉर्डर से किसानों के तंबू उखाड़ने के लिए, पुलिस ने  क्रेन की मदद से रखे हुए सीमेंट के बैरेकेटिग को हटा लिया। अपर एडीसीपी नोएडा रणविजय सिंह ने बताया कि किसानों ने स्वतः धरना खत्म करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि किसान धरना स्थल को छोड़ने के बाद  यहां पर लगे टेंट आदि को हटाकर यातायात को पुनः सुचारु रुप से चालू कर दिया गया है।

भारतीय किसान यूनियन (भानू) नए  कृषि कानून के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहा था। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 58 दिनों से बंद था। बॉर्डर का धरना खुलने से नोएडा और दिल्ली के लोगों को यातायात जाम से राहत मिलेगी। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि वह ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पूरे किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची है। हमने घटनाओं के संबंध में भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह की अध्यक्षता में आज एक बैठक की और निर्णय किया कि हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

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