
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम: प्रबंध निर्देशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण, सीजीआरएफ, ओम्बुड्समैन एवं एचईआरसी आदेशों के समयबद्ध अनुपालन तथा अदालती मामलों की प्रभावी पैरवी को लेकर व्यापक और सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है। यह कदम हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा शिकायतों के निस्तारण और आदेशों की अनुपालना में तीव्रता लाने के लिए उठाया गया है।निगम द्वारा जारी सेल्स इंस्ट्रक्शन के अनुसार अब उपभोक्ता शिकायतों का पंजीकरण केवल डीएचबीवीएन के सीजीआरएफ आईटी पोर्टल के माध्यम से होगा और शिकायत की राशि के अनुसार उसका स्वतः संबंधित फोरम में आवंटन किया जाएगा। किसी भी प्रकार की मैनुअल या गैर-वैधानिक प्रक्रिया को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि नई एसओपी के तहत सीजीआरएफ, ओम्बुड्समैन एवं एचईआरसी के आदेशों का 21 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। आदेश की प्राप्ति से लेकर अनुपालन रिपोर्ट अपलोड करने तक प्रत्येक स्तर पर उप मंडल अधिकारी, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता की जिम्मेदारी और समयसीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है। कानूनी राय लेने के नाम पर अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई,वेतन वृद्धि रोकना , आर्थिक हानि की वसूली तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयोग या अदालत द्वारा लगाए गए जुर्माने व क्षतिपूर्ति की राशि भी दोषी अधिकारियों से वसूली जाएगी।

साथ ही, सभी अदालती एवं नियामक मामलों की नियमित समीक्षा की व्यवस्था की गई है। कार्यकारी अभियंता स्तर पर साप्ताहिक, अधीक्षण अभियंता स्तर पर पखवाड़े में, मुख्य अभियंता स्तर पर मासिक और डब्ल्यूटीडी स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा अनिवार्य होगी।डीएचबीवीएन प्रबंधन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा नियामक कार्रवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।
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