अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़/रोहतक: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा वक्फ बोर्ड, सोनीपत में तैनात एस्टेट ऑफिसर मोहम्मद सलीम और रेंट क्लर्क मोहम्मद ताहिर को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में एक निजी व्यक्ति सलीम की भूमिका भी सामने आई है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,शिकायतकर्ता तथा उसके तीन सहयोगियों ने पिछले वर्ष गोहाना में दुकानों के प्लॉट की लीज के लिए हरियाणा वक्फ बोर्ड में आवेदन किया था। शिकायत के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता से अलग-अलग समय पर लगभग 3 लाख रुपये की राशि ली गई थी, लेकिन उन्हें इन भुगतानों की रसीदें जारी नहीं की गईं। करीब एक माह पहले निजी व्यक्ति सलीम ने शिकायतकर्ता को बताया कि उनकी और उनके सहयोगियों की फाइलों पर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद उन्हें 3 लाख रुपये लेकर वक्फ बोर्ड कार्यालय, सोनीपत आने के लिए कहा गया, जहां रसीदें जारी करने और लीज समझौते से संबंधित शपथ पत्र लेने की बात कही गई। आरोप है कि जब शिकायतकर्ता ने रसीदों में दर्ज की जाने वाली राशि के बारे में पूछा, तो उसे स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस पूरे मामले में सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्ति की मिलीभगत से कथित तौर पर अनुचित तरीके से धन लेने का प्रयास किया जा रहा था।

शिकायत के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए गोहाना-खरखौदा रोड पर श्री श्याम स्वीट्स के नजदीक ट्रैप लगाया। इस दौरान वक्फ बोर्ड, सोनीपत में तैनात एस्टेट ऑफिसर मोहम्मद सलीम और रेंट क्लर्क मोहम्मद ताहिर को 3 लाख रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद की गई। यह ट्रैप एसीबी यूनिट जींद द्वारा लगाया गया। कार्रवाई के दौरान राजपत्रित अधिकारी के रूप में शशांक, एक्सईएन, हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम (HSRDC), जींद मौजूद रहे।गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद सलीम,एस्टेट ऑफिसर, वक्फ बोर्ड कार्यालय, सोनीपत, निवासी सिविल लाइन कॉलोनी, थाना रोड, नूंह तथा मोहम्मद ताहिर, रेंट क्लर्क, वक्फ बोर्ड कार्यालय, सोनीपत, निवासी तहसील कार्यालय के नजदीक, पटौदी, जिला गुरुग्राम के रूप में हुई है। मामले में तीसरे आरोपित सलीम, जो निजी व्यक्ति बताया गया है और वक्फ बोर्ड में बिना नियुक्ति के चपरासी के रूप में कार्य कर रहा था, की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वह फिलहाल फरार है। इस संबंध में थाना SV & ACB रोहतक में एफआईआर संख्या 35, दिनांक 28 अक्टूबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 7A के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच एवं नियमानुसार कानूनी कार्रवाई जारी है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

