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राष्ट्रीय हरियाणा

कुरुछेत्र : अखिल भारतीय कला साधक संगम का उद्घाटन समारोह का केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दीप प्रज्वल्लित कर किया शुभारंभ

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
कुरुछेत्र : अखिल भारतीय कला साधक संगम का उद्घाटन समारोह का गृहमंत्री राजनाथ सिंह , राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी , कला और संस्कृति मंत्री हरियाणा कविता जैन, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ,पद्मविभूषण नृत्यांगना सोनल मान सिंह ,पद्मभूषण नृत्यांगना डॉ पद्मा सुब्रमन्यम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया । अखिल भारतीय कला साधक संगम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राज्यपाल प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी ने की उन्होंने अपने उद्बोधन कहा की कुरुक्षेत्र में एकत्रित होना अपने आप में एक अनूठा संगम हैं जिस प्रकार जिस तरह दिल्ली देश की राजनीतिक राजधानी है और मुंबई आर्थिक राजधानी है उसी तरह अगर कोई अध्यात्मिक राजधानी है तो वह कुरुक्षेत्र है ।
इसी धरा पर भगवान् श्रीकृष्ण ने विश्व को गीता उपदेश दिया था। उन्होंने कहा संस्कार भारती सैलून से नवभारत की कल्पना को साकार करने में जुटी है संस्कार भारती के गीत की पहली लाइन में ही संस्कारों की साधन की बात कही है | भारत सरकार के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा की अखिल भारतीय कला साधक संगम में देशभर से पहुचे कला साधक नवीन भारत के शिल्पी बनेगे।  इन कला साधकों की रचनात्मक सोच ही 2022 तक गरीबी , भ्रष्टाचार , आतंगवाद , जातिवाद से मुक्त भारत का निर्माण करेगी | वे आज हरियाणा प्रदेश स्थापना स्वर्ण जयंती वर्ष के समापन अवसर पर संस्कार भारती द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कला साधक संगम में मुख्या अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और अपने विचार रखे ।इस अवसर पर देश के कोने कोने से ३००० से अधिक कलासाधकों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा की यह अनुभवी कला साधकों का संगम है इस कला साधक संगम में कलाकारों की प्रतिभा का प्रदर्शन हो रहा है जिसमे भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाए रखने के लिए प्रत्येक प्रान्त ने अपनी संस्कृति एवं पहचान का कला के माध्यम से प्रदर्शित किया ।
जिस प्रकार आसमान का कोई छोर नहीं उसी प्रकार कला का कोई अंत नहीं। महाभारत कला के संस्कार की एक महान करती है जो हजारों साल भी उतनी ही प्रासंगिक है और इसकी प्रासंगिगता सदैव बनी रहेगी ।यह हमरी कला का ही परिणाम है जो एक पत्थर की मूर्ती में भी अपनी कला का प्रदशन कर उसको जीवंत कर देता है राजनाथ सिंह ने संस्कार भारती के इस प्रयास की बहुत सराहना की और इस तरह के आयोजनों को लाभदायक बताया। | देशभर से आये कलाकारों का उत्साह वर्धन करने के लिए अखिल भारतीय न्रत्य विधा संयोजिका सुमीता शर्मा  के निर्देशन में भव्य नृत्य की प्रस्तुति दी गयी जिसमे १०० से अधिक नृत्य साधिकाओं ने अपनी साधना की प्रस्तुति दी | कार्यक्रम ने तो उचाइयां को तब प्राप्त किया जब कार्यक्रम की इस भव्यता को देखकर संस्कार भारती के अखिल भारतीय संस्थापक संरक्षक बाबा योगेन्द्र के ख़ुशी में अश्रु निकल पड़े उसके उपरांत माननीय राजनाथ सिंह जी द्वारा बाबा योगेन्द्र जी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया इसी तरह स्वागत समिति के अध्यक्ष एवं थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह को स्मृति चिन्ह स्वरुप चावल और श्रीफल भेट किया।
राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को कला और संस्कृति मंत्री कविता जैन द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । पद्मविभूषण सोनल मानसिंह एवं पद्मभूषण डॉ पद्मा सुब्रमन्यम को भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया | इस अवसर पर संस्कार भारती के अखिल भारतीय संयोजक रविदेव , प्रांतीय संयोजक डॉ अजय शर्मा , स्थानीय संयोजक नरेन्द्र कुमार शर्मा और सह स्थानीय संयोजक विजयंत बिंदल सहित सभी केंद्रीय कार्यकारिणी एवम पूरे देश की प्रान्त  कार्यकारिणी के साथ कई कलासधक कार्यक्रम में उपस्थित रहे | कलासाधकों ने भारतीय संस्कृति को अलग अलग प्रान्त की झलकियों को कुरुक्षेत्र में प्रकट कर दिया।  कार्यक्रम के एनी कई स्थानों पर लोक नृत्य भी प्रस्तुत किये गए अखिल भारतीय कला साधक संगम कार्यक्रम में राष्ट्रीय संस्कार युक्त कला और संस्कृति से जुड़े लगभग तीन हज़ार कलासाधकों द्वारा लघु भारत कार्यक्रम और
संस्कृति की द्रष्टिकोण से प्रस्तुति दी गयी । विशेष कर दिव्या रथ के अनावरण ,हरियाणा सांस्कृतिक दर्शन को लेकर काफी उत्साह नज़र आया प्रांतीय संघचालक मेजर करतार सिंह द्वारा भगवान् कृष्ण द्वारा चालित दिव्या रथ की सजीव झांकी का अनावरण किया गया और इस दिव्या रथ के दर्शन अगले तीन तक जारी रहेंगे।  प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी ने हरियाणा सांस्कृतिक दर्शन का उद्घाटन किया | इस अवसर पर कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा की नवीन भारत की कल्पना को साकार करने में कलाकार ही अपना अहम् योगदान दे सकते है इन कलाकारों के माध्यम से ही समाज में संस्कृति और संस्कारों की जाग्रति आ सकती है जब तक समाज में संस्कार और संस्कृति की अलख नहीं जगती तब तक नए समाज का सृजन नहीं हो सकता।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव कामत, राष्ट्रीय सह महामंत्री डॉ रवींद्र भारती , राष्ट्रीय मंत्री व् महाप्रबंधक चंद्रकांत घरोटे, प्रान्त मात्रशक्ति प्रमुख डॉ ऋचा गुप्ता,सह महामंत्री अभिषेक गुप्ता , प्रान्त कोषप्रमुख राकेश , भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य , संघ के विभाग कार्यवाह डॉ प्रीतम सिंह , जिला कार्यवाह डॉ ऋषिपाल मथाना , हरियाणा कला परिषद् के उपाध्यक्ष सुदेश शर्मा , मैक के मुख्य सलाहकार महेश जोशी , विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ रामेन्द्र सिंह ,संगठन मंत्री अशोक तिवारी , डॉ महासिंह पूनिया , आचार्य देवेन्द्र देव , देवेन्द्र सिंह रावत , बांकेलाल गौड़ ,शशांक तिवारी के साथ साथ ‘अखिल भारतीय कला साधक संगम’ के मीडिया प्रभारी उदितेंदु वर्मा निश्चल व् सह मीडिया प्रभारी प्रताप चौधरी
उपस्थित रहे ।

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