
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने की कोशिश कर संसद में एक खतर नाक खेल खेलने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी दलों ने एकजुट होकर दक्षिणी और छोटे राज्यों के विरोधी इस बिल को पराजित कर दिया।तमिलनाडु के वेलाचेरी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में लाए गए संविधान संशोधन विधेयक पर अपना तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि यह कोई छोटी जीत नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक की जीत है: न्याय और संघवाद की जीत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार परिसीमन के जरिए उन राज्यों को सजा देना चाहती थी, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता पाई है। तमिलनाडु को पुरस्कृत करने के बजाय सरकार ने संसद में उसकी आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल के खिलाफ आवाज उठाने वाले पहले मुख्यमंत्री तमिलनाडु के एमके स्टालिन थे।

खरगे ने याद दिलाया कि पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस पार्टी की उपलब्धि है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नहीं। उन्होंने पूछा कि 2023 में महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था तो मोदी सरकार ने इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तमिलनाडु आगे बढ़ रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार उसे पीछे खींचने की कोशिश कर रही है और अर्थव्यवस्था में उसके बड़े योगदान के बावजूद उसके साथ सौतेले बच्चे जैसा व्यवहार कर रही है। राज्य को कर राजस्व में से बहुत कम हिस्सा मिलता है और केंद्र की थोपी गई नीतियों का विरोध करने के कारण ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के तहत मिलने वाले फंड को भी रोक दिया गया है। बाढ़ और चक्रवात जैसी आपदाओं के दौरान भी केंद्र की सहायता अपर्याप्त रही है। उन्होंने कहा कि इस सौतेले व्यवहार को राज्यपाल का भी समर्थन मिल रहा है; वे निष्पक्ष होकर काम करने के बजाय चुनी हुई राज्य सरकार के कामकाज में दखल देते हैं।कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा है। 1.31 करोड़ महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता मिल रही है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर-घर राशन पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु में 10 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं और राज्य ने 11 प्रतिशत से अधिक की विकास दर हासिल की है, जिससे यह भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। इसके साथ ही यह देश के सबसे अधिक औद्योगीकृत राज्यों में से एक है।एआईएडीएमके पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि यह पार्टी अपनी पहचान खो चुकी है और भाजपा की मूक साझेदार बन गई है। उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके तमिल नाडु के हित में अपनी आवाज नहीं उठा सकती। उन्होंने जनता से कांग्रेस-डीएमके उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि यह गठबंधन सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता एवं समावेशी विकास में विश्वास रखता है और इसने तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने आगे कहा कि यह लड़ाई देश को बांटने वालों और जोड़ने वालों के बीच है; राज्यों को कमजोर करने वालों और उन्हें मजबूत बनाने वालों के बीच है।
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