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अपराध दिल्ली

चोरी किए गए मोबाइल टावर उपकरणों की खरीद-फरोख्त करने वाले अंतराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश,2 करोड़ के उपकरण बरामद

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आईएससी/अपराध शाखा की टीम ने आज तीन अभियुक्तों को अरेस्ट  किया है जिनके  नाम नसीम उर्फ़ टिड्डा, 32 वर्ष, निवासी पुराना सीलमपुर, दिल्ली,इमरान उर्फ़ घटक,30 वर्ष,निवासी पुराना सीलमपुर, दिल्ली और दिनेश उर्फ़  दीनू उर्फ़  बाबू, 45 वर्ष, निवासी किलोकरी, सनलाइट कॉलोनी, दिल्ली हैं। इनकी गिरफ्तारियों के साथ कुल 51 आरआरयू और 30 बीबीयू उपकरण बरामद किए गए हैं और चोरी के कुल 9 मामले सुलझाए गए हैं। आरआरयू/बीबीयू के परिवहन में प्रयुक्त टाटा हेक्टर कार को भी बरामद किया गया  है।रेडियो रिमोट यूनिट (आरआरयू) एक तरफ एंटीना से और दूसरी तरफ बेसबैंड यूनिट (बीबीयू) से जुड़ा होता है । आरआरयू, एंटीना के माध्यम से रेडियो सिग्नल प्राप्त करता है, और रिसीवर को वॉयस कॉल और इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए इसे प्रसंस्करण हेतु बीबीयू में भेजता है। 

टीम और संचालन:
आईएससी/अपराध शाखा की एक टीम ने पहले आरआरयू/बीबीयू की चोरी व अवैध बिक्री/खरीद में संलिप्त 5 अभियुक्तों  को अरेस्ट  किया था। एयरटेल के नोडल अधिकारी ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से एरिक्सन और नोकिया कंपनियों की आरआरयू/बीबीयू उपकरणों की चोरी की बहुत सारी शिकायतें आ रही हैं और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सिर्फ एक साल में करोडो  रुपये  का नुकसान हुआ है। इन उपकरणों का रखरखाव और स्थापना इंडस टावर लिमिटेड  द्वारा की जाती है, जो दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के साथ एक पंजीकृत बुनियादी ढांचा प्रदान करने वाली कंपनी है, और विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को बुनियादी सहायता प्रदान करती है ।इसके अलावा, विभिन्न राज्य की पुलिस द्वारा अरेस्ट किए गए चोरों ने खुलासा किया कि इन उपकरणों को दिल्ली के यमुना पार क्षेत्र में भेजा जा रहा है। हालांकि, आरआरयू/बीबीयू उपकरणों को खरीदने वाले मुख्य आरोपित अभी भी फरार हैं । दिल्ली आरआरयू/बीबीयू उपकरणों का ट्रांजिट व स्टोरेज होने के नाते, दिल्ली पुलिस के लिए इन रिसीवर्स को पकड़ना एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि गिरोह के सदस्य बार-बार अपना ठिकाना बदलते रहते  है।गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए  उपायुक्त अपराध शाखा अमित गोयल और संयुक्त आयुक्त अपराध शाखा  एस.डी. मिश्रा ने सहायक आयुक्त रमेश लांबा की देखरेख में एक टीम का गठन  निरीक्षक शिवराज सिंह बिष्ट के नेतृत्व में किया जिसमे निरीक्षक मिंटू सिंह, उप निरीक्षक रविंद्र हुड्डा, उप निरीक्षक देवेंद्र, सहायक उप निरीक्षक वीरेंद्र, सहायक उप निरीक्षक रहीसुद्दीन, हवलदार नेमी चंद, हवलदार नरेंद्र, हवलदार विकास, हवलदार शैतान सिंह व सिपाही प्रवीण शामिल थे .गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने गिरोह के सरगना नसीम व इमरान की पहचान की। पता चला था कि आरोपी यह उपकरण अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोगों से खरीदते थे और रेलवे के जरिए दिल्ली के मुस्तफाबाद स्थित अपने गोदाम में छुपाते थे। उनके आपराधिक कार्य प्रणाली के हिस्से के रूप में वह इन आरआरयू/बीबीयू उपकरणों को दिल्ली के जैतपुर में स्थित दूसरे गोदाम में स्थानांतरित कर देते थे । गिरोह का सरगना चोरी किए गए उपकरणों  की आपूर्ति अपने गोदाम पर न लेकर किसी अन्य स्थान पर करता  था ताकि किसी को गोदाम का पता न चल सके ।एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नसीम व इमरान अपनी टाटा हेक्टर कार में रखे चोरी के आरआरयू/बीबीयू उपकरणों सहित जैतपुर जाएंगे। तदनुसार, टीम द्वारा छापा मारा गया और आरोपी नसीम और इमरान को मुस्तफाबाद, दिल्ली से एक अच्छी तरह से समन्वित और तेजी से किये ऑपरेशन में अरेस्ट किया गया। उनकी निशानदेही पर उनकी  कार से 13 आरआरयू और 4 बीबीयू उपकरण  भी बरामद किए गए।

पूछताछ:
दोनों आरोपी व्यक्तियों नसीम और इमरान से विस्तृत पूछताछ की गई और उन्होंने बताया कि उन्होंने भागीरथी विहार, मुस्तफाबाद, दिल्ली में अपने किराए के गोदाम में बहुत सारे चोरी के आरआरयू/बीबीयू उपकरण रखे हुए हैं। भागीरथी विहार, मुस्तफाबाद दिल्ली स्थित उनके गोदाम पर तत्काल छापेमारी की गई और कुल 31 आरआरयू और 25 बीबीयू उपकरण  बरामद किए गए। वे इन चोरी के आरआरयू/बीबीयू को जैतपुर, दिल्ली में स्थित अपने गोदाम में स्थानांतरित करने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे इन चोरी के उपकरणों की सप्लाई अपने सहयोगी दिनेश उर्फ दीनू को करते थे.आरोपियों की निशानदेही पर आरोपी दिनेश को किलोकरी, सन लाइट कॉलोनी स्थित उसके घर से अरेस्ट  किया गया तथा जैतपुर स्थित उसके गोदाम से 7 आरआरयू व 1 बीबीयू उपकरण बरामद किए  गए | इन आरआरयू/बीबीयू की जांच करने पर पता चला कि यह राजस्थान, हरियाणा, यूपी, तमिलनाडु, हैदराबाद और दिल्ली से चोरी किए  गए थे और इनके चोरी के मामले संबंधित राज्य में पंजीकृत पाए गए।दोनों आरोपियों ने आगे खुलासा किया कि चोरी हुए आरआरयू/बीबीयू उपकरणों की बिक्री/खरीद के संबंध में सभी बातचीत व्हाट्सएप के माध्यम से की जाती थी। जांच के दौरान, आरोपी दिनेश ने खुलासा किया कि उसने 1.8 करोड़ रुपये के नकद भुगतान के एवज में दुबई में एक अली नाम के व्यक्ति को 110 आरआरयू उपकरणों की आपूर्ति की थी । जांच करने पर हेक्टर कार आरोपी नसीम के नाम पर पंजीकृत पाई गई जो चोरी किए गए  आरआरयू/बीबीयू उपकरण को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए इस्तेमाल की जाती थी।  एक आरआरयू और एक बीबीयू उपकरण का बाजार मूल्य क्रमशः 1.75 लाख और 2.25 लाख है। आरोपी नसीम और इमरान 1.2 से 1.4 लाख रुपये के बीच आरआरयू/बीबीयू खरीदते थे, जबकि वे आरोपी दिनेश को इसे 1.7 लाख रुपये से 1.8 लाख रुपये में बेचते थे।

बरामदगी:
1.अपराध करने में प्रयुक्त एक टाटा हेक्टर कार।
2.51 आरआरयू उपकरण।3. 30 बीबीयू  उपकरण।

सुलझाए गए मामले :
1.ई-प्राथमिकी संख्या 355/23, धारा 380, भारतीय दंड सहिंता, थाना हरि नगर, दिल्ली.
2.प्राथमिकी संख्या 134/23, धारा 379 भारतीय दंड सहिंता, थाना गोविंदगढ़, अलवर राजस्थान.
3.प्राथमिकी संख्या 116/2023, धारा 380 भारतीय दंड सहिंता, सेक्टर 9ए, गुरुग्राम हरियाणा 
4.प्राथमिकी संख्या 59/2023, धारा 379 भारतीय दंड सहिंता, थाना सेंट्रल क्राइम स्टेशन, हैदराबाद तेलंगाना.
5.प्राथमिकी संख्या 136/2023, धारा 379 भारतीय दंड सहिंता, थाना रींगस, सीकर राजस्थान 
6.प्राथमिकी संख्या 168/2023, धारा 379 भारतीय दंड सहिंता, भिवाड़ी राजस्थान.
7.प्राथमिकी संख्या 154/2023 धारा 380 भारतीय दंड सहिंता, थाना नई मंडी, हिंडौन सिटी, करौली राजस्थान.
8.प्राथमिकी संख्या 204/2023 धारा 379 भारतीय दंड सहिंता, थाना कोटपूतली, जयपुर ग्रामीण। राजस्थान.
9.प्राथमिकी संख्या 321/2023 धारा 379 भारतीय दंड सहिंता, थाना  प्रताप नगर, जयपुर राजस्थान.
10.शिकायत संख्या 13227061072300062, थाना खेड़की दौला, गुरुग्राम, हरियाणा.
11.शिकायत संख्या 04/2023, थाना जावाजा, अजमेर राजस्थान.
आरोपी की प्रष्ठभूमि :1.इमरान, उम्र 30 साल, मेरठ यूपी का का रहने वाला है। उसने 8 वीं तक ही पढ़ाई की है। उनके पिता दिल्ली के ओल्ड सीलमपुर में कबाड़ी का काम करते थे, जहां वह दिनेश के संपर्क में आया, जो मुंबई से कंप्यूटर से संबंधित स्क्रैप खरीदकर इमरान के पिता की स्क्रैप शॉप में बेचता था ।
2.नसीम, उम्र 32 साल, मेरठ यूपी का का रहने वाला है। उसने 8 वीं तक पढ़ाई की है । वह उसी सोसाइटी में रहता है जहां इमरान रहता है और इमरान का दोस्त है।  वह दिसंबर 2022 में इमरान के जरिए आरोपी दिनेश से मिला और इस अपराध में शामिल हो गया। 
3.दिनेश उर्फ़  दीनू, उम्र 44, जिला बदायूं, यूपी का रहने वाला है. वह एक अनपढ़ व्यक्ति है. पहले वह कंप्यूटर से संबंधित कबाड़ की खरीद-बिक्री का काम करता था और इमरान के पिता की कबाड़ी की दुकान से इमरान और नसीम के संपर्क में आया । बाद में वह काम के लिए दुबई गया जहां वह आरआरयू/बीबीयू उपकरणों के डीलर अली और मुस्तफा के संपर्क में आया।

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