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अपराध दिल्ली

चोरी की मोबाइल फोनों को खरीद-बिक्री कर नेपाल भेजने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश, एक आरोपित गिरफ्तार।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आईएससी/अपराध शाखा की टीम ने दिल्ली/एनसीआर के क्षेत्र में छीने/चोरी किए गए मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री में लिप्त कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश किया हैं , इस गिरोह के एक आरोपित गिरफ्तार किया हैं, गिरफ्तार किए गए आरोपित का नाम   अली हुसैन, उम्र 37 वर्ष, निवासी देव नगर, करोल बाग, दिल्ली है। पुलिस ने इस आरोपित के  कब्जे से चोरी के 124 मोबाइल फोन और ₹ 19 लाख रूपए नकद बरामद किए हैं। वह चोरी किए गए इन मोबाइल फोनों को दिल्ली से नेपाल जाने वाली पर्यटक बसों के ड्राइवरों और क्लीनरों के माध्यम से नेपाल में भेजता था। आरोपित  की गिरफ्तारी के साथ चोरी/स्नैचिंग के 72 मामलों  को सुलझाया गया है |

स्पेशल रविंद्र सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस की आईएससी, अपराध शाखा की टीम चोरी/छीने गए मोबाइल फोन की खरीद/बिक्री में संलिप्त गिरोह पर नजर बनाए  हुई थी। पूर्व में भी टीम इस गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। संदिग्धों पर रखी गई तकनीकी निगरानी के दौरान यह पता चला है कि एक आरोपित  उत्तराखंड में भारत-नेपाल सीमा से अपनी कार में चोरी के मोबाइल फोन नेपाल ले जाता है। सूचना को आगे विकसित करने पर यह पता चला की उक्त व्यक्ति करोल बाग, दिल्ली से चोरी किए गए मोबाइल फोन एकत्र करता है। तदानुसार, करोल बाग के क्षेत्र में खुफिया जानकारी एकत्र की गई और आरोपित की पहचान अली हुसैन के रूप में हुई जो करोल बाग, दिल्ली में एक मोबाइल रिपेरिंग की दुकान चलाने की आड़ में चोरी के मोबाइल फोन खरीद कर इन्हें नेपाल में मौजूद रिसीवर को बेचता है। आरोपित अली हुसैन करोल बाग, दिल्ली में किराए के घर में रह रहा है। वह दिल्ली से नेपाल जाने वाली बसों के ड्राइवरों और क्लीनरों के माध्यम से इन चोरी किए  गए फोनों को नेपाल में उच्च कीमतों पर बेचता है।  यादव का कहना हैं कि विशेष सूचना मिली थी कि आरोपित  अली हुसैन करोल बाग, दिल्ली में चोरी के मोबाइल फोन खरीदेगा। यदि समय पर कार्रवाई  की जाए तो उसे चोरी के मोबाइल फोन के साथ पकड़ा जा सकता है। तदानुसार, आरोपित अली हुसैन को पकड़ने के लिए उपायुक्त अमित गोयल द्वारा सहायक आयुक्त रमेश लांबा की देखरेख में व निरीक्षक शिवराज सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।  जिसमे उप-निरीक्षक रविंद्र हुड्डा, महिला उप-निरीक्षक सिमरजीत कौर, सहायक उप-निरीक्षक वीरेंद्र, प्रधान सिपाही राम हरि, प्रधान सिपाही नेमी चंद, प्रधान सिपाही नरेंद्र और सिपाही प्रवीण शामिल थे.आरोपित अली हुसैन पर निगरानी रखी गई  और यह पता चला है कि आरोपित 8-10 चोरी के मोबाइल फोन नेपाल भेजेगा | सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई  और आरोपित  को करोल बाग, दिल्ली से चोरी के 8 मोबाइल फोन के साथ पकड़ लिया गया। आरोपित की निशानदेही पर उसके घर (करोल बाग) से चोरी के 120-130 मोबाइल फोन व ₹ 19 लाख बरामद किए गए । उनका कहना हैं कि पूछताछ के दौरान आरोपित अली हुसैन ने खुलासा किया कि वह करोल बाग, दिल्ली के इलाके में मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाता है और वह किराए के मकान में रहता है। उसने आगे खुलासा किया कि उसका भाई इरफान चोरी के मोबाइल फोन की बिक्री/खरीद में संलिप्त था।  अपने भाई की मृत्यु के बाद वह भी ज्यादा पैसा कमाने के लालच में इस अपराध में शामिल हो गया।  वह पिछले तीन वर्षों से दिल्ली/एनसीआर से चोरी किए गए मोबाइल फोन प्राप्त कर आगे नेपाल में मौजूद रिसीवरों को उच्च कीमतों पर बेचता है। मोबाइल फोन खरीदने के बाद वह फोन कवर और स्क्रीन गार्ड आदि बदलकर उक्त मोबाइल फोन की मरम्मत करता है ताकि ये चोरी के मोबाइल फोन नेपाल में ग्राहकों को नए लगें और उसे ज्यादा से ज्यादा मूल्य मिल सके। वह 40 मोबाइल फोन का एक बंडल तैयार कर उसे डिब्बों में पैक करता है व उक्त डिब्बों को एक बैग में रख कर उस बैग को दिल्ली से नेपाल जाने वाली पर्यटक बसों के ड्राइवरों/क्लीनरों को बैग में मौजूद सामान के बारे में बिना बताए दे देता है। मोबाइल फोन की स्थिति के हिसाब से वह प्रति फोन ₹ 1500-2500 का लाभ कमाता है और वह अब तक 4000 से अधिक मोबाइल फोन बेच चुका है। वह हवाला के माध्यम से बेचे गए मोबाइल फ़ोन का भुगतान प्राप्त करता है। उसने यह भी खुलासा किया कि नेपाल से रिसीवर भी कभी-कभी करोल बाग आते हैं और चोरी किए गए  मोबाइल फोन ले जाते हैं|

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