अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: आर्थिक अपराध शाखा एनआईटी की टीम ने आज फर्जी बिल के माध्यम से राशि गबन करने के मामले में गढ़वाल सभा फरीदाबाद के तीन और पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने 200 फर्जी बिलों के माध्यम से लगभग 90 लाख रुपए गबन करने का संगीन आरोप है। इस केस में गढ़वाल सभा फरीदाबाद के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके है।
पुलिस प्रवक्ता ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में कार्यालय जिला रजिस्ट्रार ऑफ़ सोसाइटीज़ फ़रीदाबाद से प्राप्त शिकायत पर थाना कोतवाली में फरीदाबाद की गढ़वाल सभा के पदाधिकारियों के विरुद्ध गबन करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें आरोप लगाए गए थे कि सभा के पदाधिकारियों द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए गढ़वाल सभा की राशि का गबन किया गया है। जिस पर मुकदमा का अनुसंधान आर्थिक अपराध शाखा एनआईटी द्वारा किया गया। अनुसंधान के दौरान वर्ष 2016 से 2019 के बीच के लगभग 200 बिल तस्दीक किए गए। जिसमें पाया गया कि ये बिल फर्जी बनाए गए थे और इन बिल के माध्यम से करीब 90 लाख रुपये का गबन किया गया।
उन्होंने आगे बताया कि आर्थिक अपराध शाखा की टीम द्वारा सुरेंद्र रावत निवासी जवाहर कॉलोनी फरीदाबाद, गणेश नेगी वासी एसजीएम नगर फरीदाबाद व राजेंद्र रावत वासी बाबा सूरदास कॉलोनी तिलपत फरीदाबाद को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुरेंद्र रावत वर्ष 2016 से 2019 तक गढ़वाल सभा में महासचिव के पद पर नियुक्त रहा, जिसके द्वारा फर्जी बिल के माध्यम से 11.66 लाख रुपए से अधिक की राशि का गबन किया गया। वहीं राजेंद्र रावत द्वारा वर्ष 2016 से 2019 तक उप कैशियर के पद पर सभा में कार्य किया गया, जिसके द्वारा साढ़े 5 लाख से अधिक रुपए की राशि के फर्जी बिल के माध्यम से गबन किया गया।इसी प्रकार गणेश नेगी ने वर्ष 2016 से 19 तक के बीच लगभग ढाई लाख रुपए की राशि का गबन किया। आरोपितों को अधिक पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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