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अपराध फरीदाबाद

फरीदाबाद: आयुष अस्पताल के डा. सतीश कुमार को नकली सर्टिफिकेट और पैसों की नकली रसीद जारी करने पर पुलिस ने किया अरेस्ट।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद: क्राइम ब्रांच सेक्टर- 48 ने आज एक सराहनीय कार्य करते हुए मारपीट के मामले में संलिप्त एक आरोपित  को बचाने हेतु आयुष अस्पताल का नकली एडमिट सर्टिफिकेट बनाने वाले एक आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया हैं। आरोपित की पहचान डॉ. सतीश कुमार जिला गाजीपुर, यूपी हाल आयुष हॉस्पिटल नगला पार्ट- 2, फरीदाबाद के रूप में हुई  है। पुलिस की माने तो  मामला थाना सूरजकुंड का है बीते 3 मार्च -2020 को शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार ,निवासी डेरा गुरुकुल, फरीदाबाद ने पुलिस को शिकायत दी कि विजय, रोहित और 3-4 लड़कें  निवासी आनंगपुर ने उसके घर में आकर उसके और उसके परिवार वालों के साथ मारपीट की है।
मारपीट के दौरान आरोपितों ने शिकायतकर्ता की गर्भवती भाभी को चोट मारी थी जिसके कारण गर्भपात हो गया था। जिस पर आरोपितों के खिलाफ थाना सूरजकुंड में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने उपरोक्त केस में कार्रवाई  करते हुए आरोपित रोहित निवासी आनंगपुर, नरेंद्र उर्फ नींदे गांव अनंगपुर को बीते  21 मार्च – 2020 को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपितों को अदालत में पेश कर बीते  22 मार्च -2020 को जेल भेज दिया था। मुकदमे में शामिल मुख्य आरोपित  विजय निवासी आनंगपुर ने अदालत में अग्रिम जमानत रद्द होने पर  हाईकोर्ट में जमानत हेतु अर्जी लगाई थी। आरोपित विजय ने अपने बचाव के लिए आरोपित  डॉक्टर सतीश से आयुष अस्पताल में एडमिट रहने का नकली सर्टिफिकेट और नकली पैसो की रसीद बनवाई थी।

पुलिस ने डॉक्टर सतीश के द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट की जांच की तो पाया कि यह नकली है। जिस पर पुलिस ने बिना देरी के आरोपित डॉक्टर सतीश को गिरफ्तार किया है। प्रभारी क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपित  विजय कई अपराधिक मामलों में संलिप्त है जो कि एक आदतन अपराधी है। आरोपित विजय की हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की सुनवाई पेंडिंग है। आरोपित  विजय के खिलाफ़ सभी तथ्य हाई कोर्ट के आगे पेश कर आरोपित की जमानत खारिज कराई जाएगी। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से नकली दस्तावेज भी बरामद किए है,

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